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दीदी हम तुझे भुला न पाएँगे – मुख्यमंत्री चौहान

भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत रत्न स्वर कोकिला स्व. सुश्री लता मंगेशकर की स्मृति में आज स्मार्ट उद्यान में वट वृक्ष रोपा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पौध-रोपण से पूर्व स्मार्ट उद्यान में सुश्री लता मंगेशकर के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ भोपाल से संगीत एवं गायन के क्षेत्र में अपना योगदान देने वाले ख्यातनाम पंडित सज्जन लाल ब्रह्मभट्ट, श्री उमाकांत गुंदेचा, सुश्री कीर्ति सूद, सुश्री आकृति मेहरा, सुश्री धानी गुंदेचा, श्री दिलीप महाशब्दे, श्री साजिद खां और श्री सलीम अल्लाहवाले ने मौलश्री और केसिया के पौधे लगाए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वर कोकिला सुश्री लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि लता जी का जाना व्यक्तिगत क्षति है।  प्रत्येक भारतवासी को यह लग रहा है कि यह उसकी व्यक्तिगत क्षति है। हर घर-परिवार को यह लग रहा है कि उनका बहुत कुछ चला गया, उनके गीत लोगों में नव-उत्साह, नव-ऊर्जा का संचार करते हैं। “ए मेरे वतन के लोगों” गीत भारत की जनता के रोम-रोम में जैसे रम गया है। लता जी के स्वर ने संगीत को और उनके संपूर्ण योगदान ने देश को एक अलग पहचान दी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लता जी के अवसान से ऐसी रिक्तता आयी है, जिसकी भरपाई संभव ही नहीं है। मैं स्वयं व्यक्तिगत स्तर पर भी इस रिक्तता का अनुभव कर रहा हूँ। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जब भी समय मिलता, तब लता जी का संगीत सुनना मेरी रूचि रही है। उनका जाना ऐसी क्षति है, जिसकी पूर्ति कभी नहीं हो सकती। लता जी अपने गीतों के माध्यम से सदैव हमारे बीच बनी रहेंगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लता जी का जन्म इंदौर में हुआ था। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि इंदौर में भारत रत्न स्वर कोकिला सुश्री लता मंगेशकर के नाम से संगीत अकादमी, संगीत महाविद्यालय और संग्रहालय स्थापित किया जाएगा। इंदौर में ही सुश्री लता मंगेशकर की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। संग्रहालय में लता जी का संगीत को दिया गया संपूर्ण योगदान उपलब्ध रहेगा। संगीत शास्त्र के विशेषज्ञों से चर्चा कर संग्रहालय का स्वरूप निर्धारित कर इसका निर्माण किया जाएगा। लता जी केवल संगीत की रोशनी नहीं थी, वे देशभक्ति का भी ऐसा हस्ताक्षर थी, जिससे पूरा देश प्रेरणा लेता था। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लता जी के जन्म-दिन पर प्रतिवर्ष लता मंगेशकर पुरस्कार भी दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने भावुक होते हुए कहा कि – “दीदी हम तुझे भुला न पाएँगे, लता जी के चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि।”

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