ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

एक अप्रैल से बदल जाएंगे बीमा क्षेत्र से जुड़े कई नियम

1 अप्रैल यानी कि नए वित्तीय वर्ष के शुरू होने के साथ ही बीमा क्षेत्र से जुड़े कई नियम भी बदलने वाले हैं। इसमें खास तरह की बीमा से टैक्स कटौतियों के लाभ को हटाने से लेकर और भी कई तरह के बदलाव होने वाले हैं। इसलिए, आज हम आपको बताने वाले हैं कि आने वाले वित्तीय वर्ष में बीमा क्षेत्र में क्या कुछ बदलने वाला है और इससे आम जनता को कितना प्रभाव पड़ेगा।

5 लाख तक के प्रीमियम पर लगेगा टैक्स

1 अप्रैल 2023 से 5 लाख रुपये से अधिक के वार्षिक प्रीमियम वाले जीवन बीमा आय पर अब टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा, जो कि पहले टैक्स फ्री सेगमेंट में था। यह उन निवेशकों के लिए अच्छी खबर नहीं है , जो इस सीमा से ज्यादा प्रीमियम की आय पर निर्भर थे। हालांकि, यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान को नये आयकर नियम से दूर रखा गया है और इस पर अब भी टैक्स छूट का लाभ मिलता रहेगा।

खर्चों और कमीशन की सीमा में बदलाव

बीमा नियामक ने उद्योग के लिए प्रबंधन व्यय (EOM) और कमीशन की सीमा में बदलाव किया है, जो 1 अप्रैल से लागू कर दिया जाएगा। भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने एजेंटों, एग्रीगेटर्स और दलालों के कमीशन भुगतान पर लगी सीमा हटा दी है। नए नियमों के अनुसार कमीशन भुगतान पर अब बीमाकर्ताओं के प्रबंधन के खर्चों को समग्र सीमा के साथ बदल दिया गया है। इससे पहले 2022 में IRDAI ने ‘एक्सपोज़र ड्राफ्ट’ में एजेंटों के कमीशन पर 20 प्रतिशत की सीमा का प्रस्ताव रखा था

कहा जा रहा है कि यह दीर्घकालिक विकास में मदद करेगा और उद्योग के 118.5 प्रतिशत के उच्च संयुक्त अनुपात को हासिल करने में मदद करेगा। साथ ही, संशोधित नियमों में इंसुरटेक के खर्चों, बीमा जागरूकता पर खर्च, और सरकार की ग्रामीण और सामाजिक योजनाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।

 

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.