ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

स्कूलों की मान्यता को लेकर निरीक्षण मई में

भोपाल । सत्र 2023-24 के लिए एमपी बोर्ड से संचालित स्कूल को मान्यता देने की प्रक्रिया चल रही है। अधिकांश स्कूलों ने शिक्षा विभाग में आवेदन कर दिया है। अब जिला स्तर पर शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण होना है। यह काम बीआरसी स्तर पर किया जाएगा। जहां शिक्षा विभाग द्वारा तय मापदंडों के आधार पर संस्थानों में व्यवस्थाएं देखी जाएगी।
उसके बाद बीआरसी को अपने दायरे में आने वाले निजी स्कूलों की रिपोर्ट देना है। फिर जिला शिक्षा कार्यालय से स्कूलों की रिपोर्ट पर अनुशंसा की जाएगी। संयुक्त संचालक कार्यालय से स्कूलों की सूची विभाग मुख्यालय को देंगे। पूरी प्रक्रिया डेढ़ से दो महीने के बीच संपन्न करना है। विभाग की तरफ से संस्थानों को हरी-झंडी मिलने के बाद मान्यता जारी होगी।
सीबीएसई-आईसीएसई मान्यता प्राप्त स्कूलों को लोक शिक्षण संचालनालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना है। इसकी प्रक्रिया 15 मार्च से शुरू हो चुकी है। स्कूल प्रबंधन 30 अप्रैल तक आवेदन कर सकते है। इसके साथ ही स्कूलों को शुल्क भी जमा करना है, जबकि विलंम्ब शुल्क के साथ स्कूल 15 मई तक एमपी आनलाइन के माध्यम से नवीनीकरण व नवीन संबद्धता के लिए आवेदन कर सकते है। इस बीच संयुक्त संचालक की टीम स्कूलों का दौरा करेंगी। यह रिपोर्ट 30 मई तक देना होगी। अधिकारियों के मुताबिक जिन स्कूलों के आवेदन संयुक्त संचालक कार्यालय से निरस्त होते है तो प्रबंधन 15 जून तक लोक शिक्षण संचालनालय में अपील कर सकते है। 30 जून तक संचालनालय आयुक्त को इन प्रकरणों का निराकरण करना होगा।
सत्र में खुलने वाले नए स्कूलों के लिए नियम थोड़े सख्त किए हैं। संचालनालय ने नए स्कूलों के लिए खेल मैदान की अनिवार्यता रखी है। बिना खेल मैदान वाले स्कूलों को मान्यता नहीं देने पर जोर दिया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.