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राहुल के फैसले पर भाजपा, गांधी परिवार का घमंड समाप्त न्यायपालिका में भी जश्न का मौहाल 

नई दिल्ली । मोदी सरनेम मानहानि मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की अपील को सूरत सेशंस कोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया हैं। इस फैसले को देश में संविधान के राज का प्रतीक बताकर भाजपा ने कहा है कि अदालत के फैसले से देश में खुशी का माहौल है। भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त कर कहा कि सूरत की अपीलीय कोर्ट का जो फैसला आया है, उससे पूरे देश में खुशी का माहौल है। आज के इस फैसले से एक बात स्पष्ट होती है कि इस देश में संविधान का राज है, परिवार का राज नहीं है और किसी भी परिवार को विशेष दर्जा नहीं मिल सकता।
पात्रा ने कहा कि पिछड़े वर्ग के लिए राहुल गांधी ने आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था और ये सब करके गांधी परिवार को लगता था कि वहां बचकर निकल जाएंगे, वह नहीं हो पाया। अदालत के फैसले को गांधी परिवार के लिए बड़ा झटका और सबक बताकर उन्होंने कहा कि इससे यह साबित होता है कि कानून सबके लिए बराबर है और कानून किसी के लिए भी अलग नहीं हो सकता।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सूरत की अपीलीय कोर्ट के फैसले से यह बात साबित हो गई है कि ट्रायल कोर्ट का फैसला सही था और देश में लोकतंत्र नहीं बल्कि गांधी परिवार का घमंड समाप्त हो गया है।
भाजपा प्रवक्ता पात्रा ने कहा यह पिछड़े वर्ग और देश के लोगों के साथ-साथ न्यायपालिका के लिए भी उत्सव का समय है। न्यायपालिका के इस फैसले से साफ हो गया हैं कि कांग्रेस और उसके समर्थक भले ही न्यायपालिका की कितनी भी आलोचना करें, सड़कों पर उतर कर अदालतों पर आरोप लगाएं, विरोध प्रदर्शन करें यहां तक कि विदेशों से भी बयान दिलवाएं लेकिन देश की न्यायपालिका इनके दबाव में आने वाली नहीं है।

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