ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

भ्रष्‍टाचार के आरोप में नपे ब्‍यावरा जनपद सीईओ, संभागायुक्‍त ने किया निलंबित

राजगढ़ ।  जनपद पंचायत ब्यावरा में लंबे समय से पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी केके ओझा पर मंगलवार को निलंबन की गाज गिरी। भोपाल कमिश्नर कार्यालय द्वारा निलंबन के आदेश जारी किए गए। सोमवार को स्थानीय विधायक रामचंद्र दांगी ने जनपद सीईओ के भ्रष्टाचार को लेकर कलेक्टर व कमिश्नर से शिकायत की थी। प्रारंभिक जांच के बाद कमिश्नर कार्यालय द्वारा निलंबन आदेश जारी किया गया।

रिश्वत का वीडियो किया पेश

जनपद सीईओ केके ओझा विरूद्ध यह पहली शिकायत नहीं थी, इसके पूर्व भी तत्कालीन जनपद अध्यक्ष व कई सरपंचों, सचिव व रोजगार सहायकों द्वारा विभिन्न मामलों को लेकर आरोप लगा चुके है और इसकी शिकायत विभिन्न स्तरों पर कर चुके है। जानकारी के अनुसार विधायक दांगी ने ब्यावरा जनपद की बालचिड़ी पंचायत के सरपंच व जनपद सीईओ के मध्य बातचीत का एक वीडियो साक्ष्य के तौर पर कलेक्टर के समक्ष पेश किया। जिसमें जनपद सीईओ केके ओझा 25 हजार रूपये की मांग करते हुए दिखाई दे रहे है। हालांकि इस वीडियो की पुष्टि नवदुनिया नहीं करता है, लेकिन यही

वीडियो कार्रवाई का आधार बना

जारी किए गए निलंबन आदेश में कहा गया है कि निलंबन आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। कमिश्नर ने जनपद सीईओ केके ओझा को रिश्वत लेने साक्ष्यों के आधार पर प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए सिविल सेवा आचरण नियम के अंतर्गत निलंबित किया गया। अब सीईओ का मुख्यालय रायसेन जिला पंचायत रहेगा
नहीं होने देंगे भ्रष्‍टाचार

शिकायतकर्ता व स्थानीय विधायक रामचंद्र दांगी ने बताया कि जनपद सीईओ के विरूद्ध लंबे समय से भ्रष्टाचार और मनमानी की शिकायते प्राप्त हों रही थी, उनके द्वारा निर्वाचित पंचायती राज प्रतिनिधियों के वाजिब काम भी बिना रिश्वत के नहीं कियें जा रहे थे। कई बार मैंने उनको चेताया पर उनकी कार्यप्रणाली मे सुधार नहीं हुआ। इस संबंध में हमारे एक निर्वाचित सरपंच से उन्होंने रिश्वत की मांग की। मैंने इसका वीडियो सोमवार को जिला कलेक्टर को प्रेषित किया और उनसे प्रमाण के साथ शिकायत की। मंगलवार को मेरे द्वारा भोपाल पहुंचकर मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव से मिलकर भ्रष्टाचार की शिकायत की। परिणामस्वरूप जनपद सीईओ को निलंबित कर दिया गया है। हम भले विपक्ष में हैं, लेकिन भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और संघर्ष करते रहेंगे। विधायक दांगी ने प्रदेश सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरा शासन गले गले भ्रष्टाचार मे डूबा हुआ है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.