किसान की बेटी पार्वती का डॉक्टर बनने का सपना हुआ पूरा
रायपुर : सामान्य परिस्थिति, दूरस्थ क्षेत्र और सही मार्गदर्शन कीे कमी कई होनहार युवाओं के आगे पढ़ने-बढ़ने के सपने मेें बाधक बन जाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने प्रतिभाशाली युवाओं के उचित मार्गदर्शन लिए दूरस्थ वनांचल और नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर में निःशुल्क युवोदय एकेडमी कोचिंग सुविधा शुरू की है। यहां होनहार युवाओं को चिकित्सा और इंजीनियरिंग जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। इसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। कोचिंग संस्थान से मिले निःशुल्क मार्गदर्शन से 43 में से 32 होनहार बच्चों ने नीट परीक्षा में सफलता पाई है। इससे ग्रामीण किसान परिवार की बेटी सुश्री पार्वती कोकड़े का डॉक्टर बनने का सपना भी पूरा होने जा रहा है। सुश्री पार्वती कोकडे का चयन कॉउंसलिंग के बाद शासकीय मेडिकल कॉलेज कांकेर में एम.बी.बी.एस. की पढ़ाई के लिए हुआ है। उसके साथ ही अन्य बच्चे नर्सिंग, फॉर्मेसी, वैटनरी शाखाओं के लिए चयनित हुए हैं।
बस्तर जिले के बकावंड विकासखण्ड के बोरीगांव के किसान घनश्याम कोकड़े की बेटी पार्वती के एम.बी.बी.एस में चयन से उसके घर-परिवार में खुशियों की लहर है। पांच बहन और एक भाई में से सबसे छोटी बेटी पार्वती के पिता साधारण किसान हैं। उनकी मां रामबती घर-गृहस्थी के साथ अपने पति के खेती-किसानी के काम में भी हाथ बटाती है।
मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे बच्चों के शिक्षा में कोरोना काल में आई शिक्षा बाधा को दूर करने के लिए कलेक्टर श्री रजत बंसल के मार्गदर्शन में शुरु किए गए युवोदय एकेडमी से पार्वती को काफी सहयोग मिला है। उल्लेखनीय है कि युवोदय एकेडमी द्वारा ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से भी मार्गदर्शन दिया जा रहा है, जिसका लाभ जिले के साथ प्रदेश व देश के बच्चे भी उठा रहे हैं। यहां के नोट्स पूरे देश में देखे और पसंद किये जा रहे हैं।
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