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केदारनाथ धाम यात्रा के लिए फिर खुला रजिस्ट्रेशन अब 10 जून से करें आवेदन

श्री केदारनाथ धाम की यात्रा करने के इच्‍छुक धर्मालुओं के लिए अच्‍छी खबर है। अब यात्रा के लिए फिर से पंजीयन की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। अब यह पंजीयन आगामी 10 जून से किया जा सकेगा।बीते दिनों खराब मौसम के कारण और बढ़ती हुई श्रद्धालुओं के भीड़ को देखते हुए पंजीकरण को कुछ दिनों के लिए रोक दिया गया था। साथ ही पंजीकरण को बंद करने का निर्णय सरकार द्वारा भीड़ को सही रूप से नियंत्रित करने के लिए लिया गया था।

तीर्थयात्रियों की संख्या 41 लाख से ज्यादा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तीर्थयात्रियों की संख्या 41 लाख से ज्यादा पहुंच गई है। प्रतिदिन 20 से 22 हजार श्रद्धालु केदारनाथ धाम के दर्शन कर रहे हैं। अब तक 13.38 लाख यात्रियों ने केदारनाथ धाम के लिए पंजीकरण कराया है।

क्‍या है केदारनाथ धाम के दर्शन का महत्व

मान्यता है कि बद्रीनाथ धाम की यात्रा किए बिना केदारनाथ धाम की यात्रा निष्फल हो जाती है। केदारनाथ धाम में भगवान शिव के दर्शन से मनुष्य को समस्त पापों से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही भगवान शिव का यह मंदिर बारह ज्योतिर्लिंग में से एक है और इनकी गणना चार धाम यात्रा में की जाती है। केदारनाथ धाम की गणना पंच केदार में भी की जाती है।

केदारनाथ धाम से जुड़े रोचक तथ्य

– इस मंदिर की आयु कितनी है। ऐतिहासिक प्रमाण कोई नहीं जानता है।

– यहां मैसूर के जंगम ब्राह्मण ही भगवान केदारनाथ की पूजा कर सकते हैं।

वैज्ञानिकों के अनुसार केदारनाथ मंदिर 400 सालों तक बर्फ में दबा रहा, लेकिन इस मंदिर को कुछ नहीं हुआ।

– केदारनाथ धाम में जब जल प्रलय आया था, तब भी इस मंदिर को एक खरोंच तक नहीं आई थी।

– केदारनाथ मंदिर छह फीट ऊंचे चकोर चबूतरे में बना हुआ है।

– केदारनाथ में भगवान शिव के दर्शन भक्त केवल दूर से ही कर सकते हैं।

डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।

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