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गोरखपुर पुलिस को मोबाइल के इनक्रप्टेड संदेश से राज खुलने की उम्मीद

जबलपुर। रामपुर छापर में बर्मन परिवार के सामूहिक आत्महत्या के मामले में अभी तक रहस्य बना हुआ है। पुलिस को अब घर से मिले मोबाइल के डिलीट चेट डेटा से कोई सबूत मिलने के आसार है। जल्द ही पुलिस मोबाइल फोन को भोपाल स्थित सायबर लैब में भेजा जा रहा है। जहां से डेटा बेकअप निकाला जाएगा। इस प्रक्रिया में अभी वक्त लगेगा। इस दौरान पुलिस को स्थानीय स्तर पर कोई अधिक सुराग नहीं लग रहा है।

घर के कमरे में रस्सी से लटके मिले थे तीनों

ज्ञात हो कि 25 जून को रामपुर छापर में रहने रविशंकर बर्मन 40 साल, पत्नी पूनम बर्मन और दस वर्षीय आर्यन बर्मन घर के कमरे में रस्सी से लटके मिले थे। पास एक कुर्सी थी जो जमीन में गिरी हुई थी। शुक्रवार की शाम को अंतिम बार पड़ोसियों ने इन्हें देखा था। उसके बाद घर के दरवाजे बंद मिले। माना जा रहा है कि शुक्रवार को ही फांसी लगाई गई थी। जिसके बाद रविवार को घर से बदबू आने पर पड़ोस में रहने वाले परिवार के सदस्यों को संदेह हुआ।

पुलिस को बुलाकर दरवाजा खोला गया

पुलिस ने उस दौरान मोबाइल फोन और घर से डायरी बरामद की थी। जिसमें पुलिस को कुछ नहीं मिला। डायरी में कोई सुसाइड नोट नहीं था। काल डिटेल में भी ऐसा कुछ भी नहीं निकला। गोरखपुर थाना प्रभारी अरविंद चौबे ने बताया कि काल डिटेल में कोई जानकारी नहीं मिली। वहीं डायरी में भी ऐसी कोई बात नहीं थी जिससे आत्महत्या का जोड़ा जा सके। आसपड़ोस से भी पूछताछ हुई पर किसी ने कुछ भी संदिग्ध नहीं बताया।

मोबाइल का डेटा निकलेगा

गोरखपुर थाना प्रभारी अरविंद चौबे ने बताया कि मोबाइल पर कई तरह के सोशल मीडिया प्लेटफार्म होते हैं जिनमें संवाद होता है। इसमें वाट्सअप, टेलीग्राम के अलावा और भी है जिनमें संवाद हुआ है इन सभी के डिलीट चेट को निकालने के लिए मोबाइल को सायबर लैब भोपाल भेजा जाएगा। यह प्रक्रिया जल्द होगी ताकि जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा फिलहाल पुलिस की जांंच में अब तक आत्महत्या की वजह साफ नहीं हो पा रही है।

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