ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

मप्र की ढाई लाख महिला कर्मचारियों को अब मिलेगा सात दिनों का अतिरिक्त आकस्मिक अवकाश

भोपाल। मध्‍य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले शिवराज सरकार ने ढाई लाख महिला कर्मचारियों को एक बड़ी सौगात दी है। महिला कर्मचारियों को अब 20 दिनों का आकस्मिक अवकाश(सीएल) मिलेगा। अब तक इन्हें 13 दिनों का आकस्मिक अवकाश की पात्रता थी।

सीएम श‍िवराज ने की थी घोषणा

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर घोषणा की थी कि अब महिलाओं का सात दिनों का अतिरिक्त आकस्मिक अवकाश दिया जाएगा।

सामान्‍य प्रशासन विभाग ने आदेश किए जारी

इस आधार पर सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार को आदेश जारी किए। यह आदेश सभी नगरीय निकाय, पंचायत, निगम- मंडल और आयोग में भी लागू होंगे। वहीं पुरूष कर्मचारियों को पहले की तरह 13 दिनों के आकस्मिक अवकाश की ही पात्रता होगी। संविदा कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा।

59 वर्ष बाद बदलाव

मध्य प्रदेश सरकार ने आकस्मिक अवकाश के नियमों में लगभग 59 वर्ष बाद बदलाव किया है। 11 दिसंबर 1964 को राज्य सरकार ने सभी कर्मचारियों के लिए आकस्मिक अवकाश के नियम बनाए थे। इसके तहत सभी कर्मचारी वर्ष भर में 13 आकस्मिक अवकाश ले सकते थे, लेकिन अब किए गए बदलाव के बाद पुरूष कर्मचारियों को 13 और महिलाओं को 20 आकस्मिक अवकाश की पात्रता होगी।

उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को भी भेजी आदेश की प्रति

इसकी प्रति उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को भी भेजी गई है ताकि वहां कार्यरत महिला कर्मचारियों को भी राज्य सरकार की यह सौगात मिल सके। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आठ मार्च 2023 को घोषणा की थी कि महिलाओं पर मातृत्व और घर संभालने की जिम्मेदारी भी होती है इसलिए उन्हें अतिरिक्त आकस्मिक अवकाश दिया जाएगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.