ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

पीएम मोदी ने करोल बाग के रविदास विश्राम धाम मंदिर में टेका माथा, ‘शबद कीर्तन’ में लिया भाग

नई दिल्ली। देशभर में आज रविदास जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करोल बाग स्थित श्री गुरु रविदास विश्राम धाम मंदिर पहुंचे। मोदी ने मंदिर में पूजा अर्चना की और माथा टेका।पीएम मोदी के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चुस्त थी।

इससे पहले, पीएम मोदी ने मंगलवार कहा था कि संत रविदास ने जातिवाद और छुआछूत जैसी कुरीतियों को खत्म करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। पीएम ने ये भी कहा कि मेरी सरकार ने हर कदम और योजना में गुरु रविदास की भावना को आत्मसात किया है।

पीएम मोदी ने अपने ट्विटर अकाउंट से कुछ तस्वीरें और एक वीडियो पोस्ट किया है। मोदी ने ट्वीट में लिखा, ‘रविदास जयंती के पुण्य अवसर पर आज मैंने दिल्ली के श्री गुरु रविदास विश्राम धाम मंदिर जाकर दर्शन किए।सभी देशवासियों को रविदास जयंती की शुभकामनाएं।’

पीएम मोदी ने संत रविदास मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्हें संत रविदास की मूर्ति भी भेंट की गई।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी जाएंगे रविदास मंदिर

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी आज वाराणसी में संत रविदास मंदिर जाएंगे। राहुल और प्रियंका बुधवार सुबह सीर गोवर्धनपुर में मत्था टेकेंगे।

बता दें कि संत रविदास जी का जन्म माघ पूर्णिमा के दिन वाराणसी के पास सीर गोबर्धनगांव में हुआ था। संत रविदास 15वीं से 16वीं शताब्दी के दौरान भक्ति आंदोलन से जुड़े थे। उनके भजन गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.