लालू यादव के लिए प्रोडक्शन वारंट की गुहार, पटना की सीबीआइ अदालत में वकील ने लगाई अर्जी
पटना। राजद अध्यक्ष लालू यादव (RJD Chief Lalu Yadav) के लिए चारा घोटाला (Fodder Scam Latest Update) की मुसीबत कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। मंगलवार को उन्हें डोरंडा कोषागार मामले (Doranda Treausury Case) में दोषी ठहराते हुए रांची की अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया। ठीक एक दिन बाद यानी बुधवार को चारा घोटाले के भागलपुर और बांका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में सुनवाई होनी है। यह मामला पटना की अदालत में चल रहा है। दिलचस्प बात है कि इस मामले के कई आरोपित ट्रायल के दौरान ही मर चुके हैं।
डोरंडा केस में जा चुके हैं जेल
लालू यादव को एक दिन पहले ही डोरंडा ट्रेजरी केस में दोषी ठहराते हुए सजा के बिंदु पर फैसले तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्हें पहले होटवार जेल ले जाया गया। इसके बाद कोर्ट के निर्देश पर उन्हें रिम्स में भर्ती कराया गया। लालू ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर खुद को रिम्स में रखने का अनुरोध किया था। करीब एक साल पहले वे होटवार जेल से रिहा हुए थे। उन्हें चारा घोटाले के एक अन्य मामले में आधी सजा पूरी करने के बाद खराब स्वास्थ्य के आधार पर जमानत मंजूर की गई थी।
प्रोडक्शन वारंट के लिये अदालत में दिया आवेदन
आशु पाल संबंधित पशुपालन घोटाला से संबंधित एक मामले में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश प्रजेश कुमार सिंह की अदालत में बुधवार को कांड संख्या आरसी 63 (ए)/96 में सुनवाई हुई। मामले में आरोपित पूर्व मुख्यमंत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की ओर से अधिवक्ता सुधीर कुमार सिन्हा ने अदालत में एक आवेदन देकर प्रोडक्शन वारंट जारी करने की मांग की है। इस संबंध में लालू प्रसाद यादव के अधिवक्ता सुधीर कुमार सिन्हा ने बताया कि लालू प्रसाद यादव अभी 47 (ए)/96 में बिरसा मुंडा होटवार रांची जेल में हैं। जिस मामले में प्रोडक्शन वारंट जारी करने की मांग की गयी है, यह मामला आरसी 63( ए)/96 से जुड़ा है। यह मामला भागलपुर के बांका कोषागार से 46 लाख रुपये का अवैध निकासी का है। इस मामले में लालू प्रसाद यादव समेत 26 लोगों के खिलाफ इस अदालत में सुनवाई चल रही है।
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