ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

11 वर्ष पहले मुख्यमंत्री ने की थी लागू करने की घोषणा वकील अब तक कर रहे हैं इंतजार

इंदौर। न्यायालयों में लोगों को न्याय दिलवाने के लिए खड़े होने वाले वकील खुद अन्याय का शिकार हो रहे हैं। वर्ष 2012 में भोपाल में आयोजित अधिवक्ता परिषद में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मंच से घोषणा की थी कि प्रदेश में शीघ्र ही एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू कर दिया जाएगा। वकील आज भी इस घोषणा के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।

प्रदेश में अभिभाषकों पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं। वकीलों के संरक्षण एवं सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट अतिशीघ्र लागू करना आवश्यक हो गया है। हाल ही में देपालपुर में अधिवक्ता प्रदीप गोस्वामी पर जानलेवा हमला हुआ है। इसके कुछ दिन पहले भी ऐसी ही वारदात इंदौर में हो चुकी है।

सिर्फ मिल रहा आश्वासन

इंदौर अभिभाषक संघ के अध्यक्ष गोपाल कचोलिया, सचिव घनश्याम गुप्ता ने कहा कि प्रदेश के वकील वर्ष 2005 से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक इसे लागू नहीं किया गया। मुख्यमंत्री की मंच से की गई घोषणा को भी 11 वर्ष हो चुके हैं। मप्र के पड़ोसी राज्य राजस्थान में हाल ही में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू हो चुका है। अन्य प्रदेश भी इसे लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में प्रदेश में इसे लागू करने की अत्यंत आवश्यकता है।

नोटरी के एक पद के लिए वकीलों से बुलवाए गए आवेदन

इंदौर। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इंदौर अभिभाषक संघ को एक पत्र प्रेषित कर संघ के माध्यम से इंदौर में नोटरी पद के लिए आवेदन बुलवाए हैं। यह पद एडवोकेट चंद्रसिंह पटेल की मृत्यु के बाद रिक्त हुआ है। नोटरी के पद पर नियुक्ति के इच्छुक अभिभाषक अपने आवेदन दो प्रतियों में दिनांक 21 अगस्त 2023 तक इंदौर अभिभाषक संघ कार्यालय में जमा करवा सकते हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.