ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

MP Election 2023: चुनाव जीते तो क्या शिवराज ही होंगे सीएम अमित शाह ने दिया यह जवाब

भोपाल। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को भोपाल में प्रदेश की भाजपा सरकार के 20 साल का रिपोर्ट कार्ड जारी किया। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में उन्होंने अपने संबोधन के शुरुआत में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बेहद मेहनती करार दिया। अपने संबोधन के बाद उन्होंने सभागार में मौजूद पत्रकारों के सवालों के जवाब भी दिए।

इस दौरान प्रेस वार्ता में एक पत्रकार ने सवाल किया कि क्या एमपी में भाजपा चुनाव जीतेगी तो शिवराज सिंह ही मुख्यमंत्री बनेंगे। इस पर अमित शाह ने जो जवाब दिया, उसने कयासों को जन्म दे दिया है। अमित शाह ने कहा कि शिवराज अभी सीएम हैं ही। पार्टी का काम है, पार्टी ही तय करेगी। आप हमारी पार्टी आंतरिक व्यवस्था में क्यों दखल दे रहे हैं। इस तरह उन्होंने इस जवाब से यह तो साफ कर दिया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शिवराज सिंह चौहान के चेहरे पर ही मध्य प्रदेश में चुनाव लड़ा जाएगा। हालांकि चुनाव के बाद पार्टी के जीतने की स्थिति में सीएम पद का उम्मीदवार कौन होगा, इसके बारे में उन्होंने स्पष्ट कुछ नहीं कहा।

परिवारवाद के सवाल पर मिल्कियत की बात

एक पत्रकार ने अमित शाह से सवाल किया कि भाजपा में परिवारवाद पर वह क्या कहेंगे। इसके जवाब में शाह ने कहा कि परिवारवाद की जब हम बात करते हैं तो पार्टी की मिल्कियत की बात करते हैं। आप क्या कह सकते हैं कि भाजपा की मिल्कियत कोई परिवार की है। आप मुझे बताइए, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट) … मैं नेताओं के नाम नहीं लेना चाहता। परिवारवाद का मतलब है सरकार और शासन में एक ही परिवार के व्यक्ति आएंगे। कहीं इक्का-दुक्का किसी के परिवार को योग्यता के आधार पर टिकट दिया, ये परिवारवाद का मुद्दा डाइल्यूट करना है। परिवारवाद का मतलब है पार्टी की मिल्कियत, सत्ता की मिल्कियत एक परिवार के हाथ में रहना।

कर्नाटक और हिमाचल की हार पर यह कहा

जब अमित शाह से पूछा गया कि कर्नाटक और हिमाचल में आप अपने मुद्दे लेकर गए थे, लेकिन वहां सरकार नहीं बना पाए, तो ऐसा क्या है कि मप्र की जनता इन मुद्दों को मानकर यहां भाजपा की सरकार बनाएगी? इस पर शाह ने जवाब दिया कि हम मणिपुर में, आसाम, उत्तर प्रदेश में दो बार जीते। पंचायत से पार्लियामेंट तक जीत का सबसे अच्छा रिकार्ड भाजपा का है। दो बार पूर्ण बहुमत की सरकार हमने बनाई।

कांग्रेस पर जमकर लगाए आरोप, मांगा जवाब

अमित शाह से एक पत्रकार ने यह भी सवाल किया कि उन्होंने 15 महीने की कमल नाथ सरकार का भी जिक्र किया क्या इनका काम भाजपा के लिए चुनौती है? 15 महीने के काम को लेकर क्या भाजपा आरोप पत्र जारी करेगी? इस पर शाह ने कहा कि मैंने आज आरोप लगा ही दिए हैं। जवाब देना चाहिए उनको। इन्हें मध्य प्रदेश की जनता के सामने आना चाहिए। हिम्मत हैं तो जवाब दें।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.