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झमाझम वर्षा से सापना जलाशय लबालब, किसानों को मिली राहत

बैतूल। जिले में चार दिन से जिले में मानसून की सक्रियता से रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही है। इससे नदी-नालों में बाढ़ की स्थिति बन रही है वहीं जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ रही है। मध्यम सिंचाई योजना के सापना जलाशय के लबालब हो जाने से किसानों को राहत मिली है। पांच सितंबर से जिले में फिर से मानसून सक्रिय हुआ है। जिससे प्रतिदिन कभी तेज तो कभी हल्की वर्षा का क्रम जारी है।

नदी-नालों में बाढ़ की स्थिति

पिछले चार दिन से 2.37 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। शनिवार को दोपहर करीब दो बजे से शाम चार बजे तक तेज बारिश होने से सड़कों पर पानी जमा हो गया और नदी-नालों में बाढ़ की स्थिति बन गई। लगातार हो रही बारिश से जलाशयों में भी पानी का भराव तेजी से होने लगा है।

मानसून के रूठ जाने से जलाशयों में 50 प्रतिशत ही पानी जमा हो पाया था जिससे रबी सीजन की फसलों के लिए पानी मिल पाता या नहीं इसे लेकर संशय बना हुआ था। अब मानसून की अच्छी सक्रियता रहने से उम्मीदें बंधी है कि जलाशय लबालब हो जाएंगे।

जलाशय में पानी की भरपूर आवक

जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मध्यम सिंचाई योजना के सापना जलाशय में पानी की भरपूर आवक हो रही है। इससे जलाशय लबालब हो गया और वेस्ट वियर से करीब ढाई इंच पानी बह रहा है। सापना जलाशय में कुल जल भराव क्षमता 14.320 मिलियन घन मीटर है। तेज बारिश से जलाशय पूरी तरह से भर गया है। इस जलाशय से 3846 हेक्टेयर रकबे में किसानों को सिंचाई के लिए तीन बार पानी दिया जाता है।

इन क्षेत्रों में दिया जाता है पानी

बैतूल विकासखंड के सापना में स्थित जलाशय से सोहागपुर, रतनपुर, जैतापुर, बैतूलबाजार, सिंगनवाड़ी, बटामा, हनोतिया, भरकावाड़ी और बडोरा क्षेत्र में नहर के माध्यम से पानी दिया जाता है।

सापना जलाशय की जल उपभोक्ता संथा के पूर्व अध्यक्ष बंटी वर्मा ने बताया कि इस बार मानसून के रूठ जाने से जलाशय के छलकने में लंबा समय लग गया। शनिवार को सुबह से जलाशय के वेस्ट वियर से ढाई इंच पानी लगातार बहकर माचना नदी में पहुंचता रहा।अब सापना जलाशय से जुड़े सभी किसानों को रबी सीजन में सिंचाई के लिए तीन पानी मिल जाएंगे।

अब तक 31 इंच बारिश दर्ज

जिले में अब तक कुल 31 बारिश वर्षा दर्ज की जा चुकी है जबकि जिले में औसत वर्षा 43 इंच मानी जाती है। भू-अभिलेख कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक शुक्रवार शाम पांच बजे से से शनिवार सुबह आठ बजे तक बैतूल में 4.2, घोड़ाडोंगरी में तीन , शाहपुर में 25.2, आमला में 18, भैंसदेही में 19.2, भीमपुर में नौ मिमी वर्षा दर्ज की गई है। भीमपुर विकासखंड में अब तक 1160.2 मिमी और भैंसदेही में 1159.0 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इन दोनों विकासखंडों में औसत वर्षा हो चुकी है जबकि जिले के आठ विकासखंडों में औसत वर्षा का आंकड़ा अब तक पूरा नहीं हो पाया है।

फसलों को मिला लाभ

मानसून के रूठने से खरीफ सीजन की फसलों पर संकट उत्पन्न हो गया था। दोबारा मानसून के सक्रिय होने से सोयाबीन, मक्का और धान की फसलों को बेहद लाभ मिल रहा है। कृषक देवीराम गावंडे ने बताया कि मूंगफली की फसल बारिश न होने से खराब हो रही थी। बारिश का दौर शुरू होने के बाद फसल लहलहाने लगी है।

गन्ना की खेती करने वाले किसान दिलीप प्रधान ने बताया कि वर्षा होने से गन्ना की फसल को भी बेहद लाभ मिल रहा है। यदि वर्षा नहीं होती तो किसानों को स्वयं अपने साधनों से सिंचाई करने के लिए परेशान होना पड़ जाता।

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