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सिंगल यूज प्लास्टिक एक जुलाई से बैन करने की प्रक्रिया शुरू

भोपाल । एक तरफ केन्द्र सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के चलते नियमों को नए सिरे से अधिसूचित कर दिया, वहीं मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके चलते जनता के साथ-साथ सभी व्यापारियों, प्रशासन, पंचायतों के साथ-साथ उत्पादकों को सूचना दी गई कि वे 30 जून के पश्चात सिंगल यूज प्लास्टिक का भंडारण, वितरण, विक्रय और उपयोग न करें। इसमें किन-किन सामग्रियों पर प्रतिबंध लगाया गया है उसकी भी सूची संलग्न की गई है। अब देशभर में 1 जुलाई से सिंगल यूज यानी एक बार इस्तेमाल के बाद फेंकने योग्य प्लास्टिक की सामग्री पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी।
पूरे देश में केन्द्र सरकार सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा रही है, जिसके चलते प्लास्टिक पैकेजिंग अवशेष प्रबंधन नियमों को नए सिरे से अधिसूचित भी कर दिया है। इसके चलते उत्पादकों, आयातकों, प्लांट मालिकों के साथ केन्द्र और राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जिम्मेदारियों को भी निर्धारित किया है और ये नए नियम भी तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए हैं।
बोर्ड ने सार्वजनिक की जानकारी
मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी आम सूचना के जरिए 1 जुलाई से प्रतिबंध की जानकारी दी है, जिसमें सभी कम्पनियों के साथ-साथ जनता से भी अनुरोध किया गया है कि वे प्लास्टिक स्टिक सहित इयर बर्ड्स, बैलून में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक इस्टिक, प्लास्टिक झंडे, कैंडी इस्टिक, सजावट में उपयोग होने वाले थर्माकोल, प्लास्टिक के कप, ग्लास, प्लेट, चम्मच, चाकू, ट्रे, स्वीट बॉक्स, निमंत्रण-पत्र, सिगरेट कवर को पैकिंग करने वाली पैकिंग फिल्म, प्लास्टिक स्टिकर्स के साथ 100 माइक्रॉन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक और पीवीसी के बैनर का पूरी तरह से उपयोग बंद करें। सभी सिंगल यूज प्लास्टिक के निर्माताओं से भी कहा गया कि वे 30 जून के पश्चात ऐसे प्लास्टिक आयटमों का भंडारण, विक्रय और उपयोग न करे। जिला प्रशासन, नगरीय प्रशासन, पंचायतों के साथ-साथ उद्योग और व्यापार हेतु पंजीयन लाइसेंस देने वाली संस्थाओं से भी कहा गया कि वे आवश्यक संशोधन जारी करे, ताकि उपरोक्त प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन कराया जा सके। पूर्व में प्लास्टिक निर्माताओं के अनुरोध पर सरकार ने इसकी समयसीमा बढ़ाते हुए अब 1 जुलाई से लागू किया है।

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