ओमिक्रॉन के खतरे के बीच सामने आई बड़ी लापरवाही, दक्षिण अफ्रीका से लौटे 10 यात्री लापता, मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ

ये दस अफ्रीकी देशों में यात्रा इतिहास के साथ बेंगलुरू आए थे। बेंगलुरू 12 से 22 नवंबर के बीच ये यात्री पहुंचे हैं।

भारत में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। इसी बीच एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। दरअसल बेंगलुरु में अफ्रीकी देशों से आए 10 अंतरराष्ट्रीय लापता हैं। ये 10 लोग ऐसे समय पर लापता है जब कर्नाटक में ओमिक्रॉन वेरिएंट के दो कोविड केस मिल चुके हैं। देश में पहली बार इस वेरिएंट के मामले कर्नाटक में ही मिले हैं।

ये दस अफ्रीकी देशों में यात्रा इतिहास के साथ बेंगलुरू आए थे। बेंगलुरू 12 से 22 नवंबर के बीच ये यात्री पहुंचे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गायब हुए 10 यात्रियों के फोन स्विच ऑफ हैं और राज्य का स्वास्थ्य विभाग उन्हें ट्रैक कर रहा है। ऐसा ही पहली और दूसरी लहर के दौरान भी हुआ था। इसलिए हमारे पास इन मामलों में अनुभव है और हम उन्हें जल्द ही ढूंढ लेंगे। स्वास्थ्य विभाग पहले ही इन व्यक्तियों को ट्रैक और ट्रेस करने के लिए पुलिस विभाग से संपर्क कर चुका है।  अधिकारियों ने कहा, ”ट्रैकिंग एक निरंतर प्रक्रिया है और हम ऐसा करते रहेंगे। यदि कोई फोन पर जवाब नहीं दे रहा है तो एक स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल है और हम इसका पालन करेंगे।” गुप्ता ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा के उपायों को अपनाने को कहा।

कर्नाटक में ओमीक्रोन के दो मामले आए सामने 
इससे पहले कर्नाटक सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में सामने आये कोविड-19 के नये स्वरूप ओमीक्रोन के दो मामलों में एक दक्षिण अफ्रीकी नागरिक है, जबकि दूसरा स्थानीय व्यक्ति है, जो एक चिकित्सक है और उसने विदेश यात्रा नहीं की थी। चिकित्सक के संपर्क में आए पांच लोगों की कोविड-19 जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है और उनके नमूने जीनोमिक अनुक्रमण के लिए भेजे गये हैं। अधिकारियों के मुताबिक बेंगलुरु शहर में जांच में पॉजिटिव पाये गये दोनों मरीजों को कोविड की दो खुराक लग चुकी थी। स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने कहा, ‘‘हम पिछले दो-तीन दिनों की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। आज केंद्र ने आधिकारिक रूप से कहा कि जो नमूने हमने जीनोमिक अनुक्रमण के लिए भेजे थे, उनमें नये स्वरूप (ओमीक्रोन) की पुष्टि हुई है। इस तरह देश में ओमीक्रोन के मामलों का कर्नाटक में पता चला है। यह साबित करता है कि हमारे द्वारा तत्परता से की जा रही जांच ने तेजी से मामले का पता लगाने में मदद की।”

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि चिंता करने की कोई बात नहीं है और लोगों से अनिवार्य रूप से मास्क पहनने, टीके की दोनों खुराक यथाशीघ्र लगवाने और बंद कमरे में होने वाले बड़े आयोजन में अनावश्यक रूप से शामिल होने से बचने को कहा। उन्होंने कहा, ‘‘यह (ओमीक्रोन) कैसे फैलता है हम अभी नहीं कह सकते। लेकिन चिंता करने की कोई बात नहीं है क्योंकि अब तक पहचान किये गये सभी छह मामलों में कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या नहीं है। लक्षण हल्के हैं।” इससे पहले, बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के मुख्य आयुक्त गौरव गुप्ता ने कहा कि पहला मामला 66 वर्षीय व्यक्ति के संक्रमित होने का है जो दक्षिण अफ्रीकी नागरिक है। उन्होंने बताया, ‘‘वह 20 नवंबर को यहां (बेंगलुरु) आया था, उसके नमूने जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजे गये थे, जिसकी रिपोर्ट आज आई और उसमें उसके ओमीक्रोन से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।”

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