ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

जबलपुर, दिल्ली और अब राजकोट…तीन दिन में 3 एयरपोर्ट हादसों ने खोली ‘विकास’ की पोल

भीषण गर्मी के बाद उत्तर भारत में मानसून ने दस्तक दी. एक तरफ तपती धरती को राहत तो मिली लेकिन बरसते बदरा अपने साथ मौत भी लेकर आए. शुक्रवार को भारी बारिश के वजह से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) का एक हिस्सा टूटकर गिर गया था. हादसे में एक कैब ड्राइवर की मौत हो गई. वहीं, आज गुजरात के राजकोट एयरपोर्ट की छत का एक हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया है. राजकोट अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पैसेंजर पिकअप और ड्रॉप एरिया की कैनोपी का एक हिस्सा भरभरा कर गिरने से ये हादसा हुआ. घटना में किसी के भी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है. गौरतलब है कि पिछले तीन दिनों में, एयरपोर्ट पर होने वाली ऐसी तीसरी घटना है.

राजधानी दिल्ली में जैसे भारी बारिश के बाद हादसा हुआ था, राजकोट में भी बारिश के कारण ही ये हादसा हुआ है. हालांकि, गनीमत रही की हादसे के वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था. राजकोट हवाई अड्डे के निदेशक दिंगत बहोरा के अनुसार बारिश के कारण हवाई अड्डे के आगे की छत में जलभराव हो गया था. इसी के कारण ये हादसा हुआ है. जुलाई 2023 में ही राजकोट के नए एयरपोर्ट का उद्घाटन हुआ था. ऐसे में सवाल ये भी खड़े हो रहे हैं कि दूसरा मानसून आते ही इसकी हालत पस्त हो गई है.

तीन दिन में तीसरी घटना

देश के अलग-अलग हवाई अड्डों पर होने वाली ऐसी तीसरी घटना है. गुरुवार (27 जून) को मध्य प्रदेश के जबलपुर एयरपोर्ट पर भी, कपड़े की छतरी का एक हिस्सा ढह गया था. इस हादसे में भी किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई. हालांकि, जिस जगह ये हादसे हुआ, वहां नीचे एक गाड़ी खड़ी थी जो मलबे में दब गई.

शुक्रवार (28 जून) को दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर हादसा हुआ था. छत का हिस्सा गिरने से एक कैब ड्राइवर की जान चली गई थी. वहीं, कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल भी हो गए थे. घटना उस वक्त हुई जब टर्मिनल 1 के पास, यात्रियों को ड्रॉप करने आई गाड़ियों की लंबी लाइन लगी हुई थी. तभी तेज हवा और बारिश के कारण, लोहे के तीन सपोर्ट बीम गाड़ियों के ऊपर अचानक गिर गए. इसी हादसे में कई गाड़ियां पूरी तरीके से चकनाचूर हो गई. कई लोगों ने मौके से भाग कर अपनी जान बचा ली, लेकिन एक कैब ड्राइवर की गाड़ी के अंदर ही मौत हो गई.

मुआवजे का ऐलान

दिल्ली एयरपोर्ट हादसे के बाद, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापू ने मृतकों के परिवार को 20 लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों को 3-3 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, गुजरात एयरपोर्ट पर हुआ हादसे के पीछे की वजह कैनोपी में जमा पानी बाहर निकालने के लिए हो रहे काम के दौरान हुई. मंत्रालय ने इस घटना में की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

स्ट्रक्चरल ऑडिट का आदेश

एयरपोर्ट पर लगातार होने वाले हादसों के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय एक्शन में आया है. मंत्रालय ने दिल्ली एयरपोर्ट हादसे के बाद देश के सभी एयरपोर्ट के स्ट्रक्चरल ऑडिट का आदेश दिया है. आदेश के अनुसार अगले दो से पांच दिन में निरीक्षण पूरा करके रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.