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बांग्लादेश में हिंसा पर भारत की नजर, फंसे भारतीयों और छात्रों को लेकर MEA ने कही ये बात

सरकारी नौकरियों में आरक्षण रद्द करने की मांग को बांग्लादेश हिंसा की आग में झुलस रहा है. हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद शुक्रवार को बांग्लादेश में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गईं. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस सप्ताह कम से कम 28 लोग मारे गए हैं. बांग्लादेश में हिंसा के बीच कोलकाता से ढाका तक चलने वाली मैत्री एक्सप्रेस रद्द कर दी गई. राजधानी ढाका में कोई ट्रेन नहीं चल रही है. हिंसा और प्रदर्शन की आग में पूरा बांग्लादेश चल रहा है. पड़ोसी देश में हो रही हिंसा पर भारत की नजर है.

शुक्रवार को भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बांग्लादेश में जारी हिंसा पर टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जैसा कि आप जानते हैं, बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. हमारे देश में लगभग 8500 छात्र और लगभग 15,000 भारतीय नागरिक रहते हैं. हमने लोगों को उच्चायोग के संपर्क में रहने और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए यात्रा परामर्श जारी किया है.

उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं. उच्चायोग वहां की स्थिति पर नियमित अपडेट देता रहेगा. हम भी नियमित अपडेट देते रहेंगे और हम बांग्लादेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों के सभी परिवार के सदस्यों से संपर्क में रहने का आग्रह करते हैं. हम अपने नागरिकों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हमारे सभी नागरिक सुरक्षित हैं.

उन्होंने कहा कि हम विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर स्थानीय अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों से अवगत हैं. हमारा उच्चायोग हमारे नागरिकों की सुरक्षा के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है.

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