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मप्र में में सामान्य से एक प्रतिशत अधिक वर्षा, ग्वालियर, सागर, इंदौर में तेज बौछारें पड़ने के आसार

भोपाल। झारखंड पर हवा के ऊपरी भाग में बना चक्रवात अब पश्चिम बंगाल और उससे लगे बांग्लादेश पर चला गया है। हालांकि मानसून द्रोणिका के मध्य प्रदेश से होकर गुजरने और अलग-अलग स्थानों पर बनी दो अन्य मौसम प्रणालियों के असर से बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर से नमी आ रही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक वातावरण में बड़े पैमाने पर नमी बरकरार रहने से पूरे प्रदेश में हल्की वर्षा होने की संभावना है। ग्वालियर, सागर एवं इंदौर संभाग में कहीं-कहीं भारी वर्षा भी हो सकती है।

इन इलाकों में बरसा पानी

उधर पिछले 24 घंटों के दौरान गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक टीकमगढ़ में 88, सागर में 65.2, उमरिया में 49.6, मलाजखंड में 33.7, खरगोन में 24.2, मंडला में 24, गुना में 23.2, जबलपुर में 20.6, दमोह में 15, खजुराहो में 12.4, खंडवा में 10, सीधी में 8.6, पचमढ़ी में 4.9, उज्जैन में 4.6, सतना में 4.1, रतलाम में चार, धार एवं सिवनी में 3.2, नर्मदापुरम में तीन, इंदौर में 2.7, रीवा में 2.4, रायसेन में 2.2, ग्वालियर में 2.1, बैतूल में एक, भोपाल में 0.6 मिलीमीटर वर्षा हुई।

बता दें कि इस सीजन में एक जून से लेकर 25 जुलाई की सुबह साढ़े आठ बजे तक मध्य प्रदेश में 386.9 मिमी वर्षा हो चुकी है। जो सामान्य वर्षा (382.8 मिमी.) की तुलना में एक प्रतिशत अधिक है।

ये वेदर सिस्टम सक्रिय

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक झारखंड पर बना चक्रवात बांग्लादेश की तरफ चला गया है। मानसून द्रोणिका राजस्थान, ग्वालियर, सीधी से ओडिशा होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। पाकिस्तान के पास एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इसके अतिरिक्त गुजरात से लेकर केरल तक अपतटीय द्रोणिका बनी हुई है।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि झारखंड पर बने चक्रवात के बांग्लादेश की तरफ चले जाने से मध्य प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि मानसून ट्रफ के प्रदेश से गुजरने के साथ ही अरब सागर एवं बंगाल की खाड़ी से नमी मिलने का सिलसिला बना रहने से पूरे प्रदेश में हल्की वर्षा होने के आसार हैं। विशेषकर ग्वालियर, सागर एवं इंदौर संभाग के जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है।

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