ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

गाजियाबाद: भगवान की मूर्ति से मंगलसूत्र तक… हड्डियों से होते थे तैयार, 4 कारखानों पर लगा ताला

राष्ट्रीय राजधानी से सटे गाजियाबाद में हड्डियों से मूर्तियां और आर्टिफिसियल ज्वैलरी बनाने वाले 4 कारखानों का खुलासा हुआ है. इन कारखानों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वाररल हो रहा है. इस वीडियो पर संज्ञान लेते हुए डीएम गाजियाबाद ने एसडीएम को भेज कर चारों कारखाने सील करा दिए हैं. पुलिस के साथ पहुंचे एसडीएम ने इन कारखानों से बड़ी मात्रा में हड्डियां बरामद की हैं. प्रशासन ने इन हड्डियों को जमीन के नीचे दफन करा दिया है.

वहीं मूर्तियां गढ़ने के लिए लगीं मशीनों को सीज कर दिया है. यह चारों कारखाने लोनी के टोली मोहल्ला, गोरी पट्टी और अशोक विहार कॉलोनी के आवासीय क्षेत्र में संचालित हो रहे थे. बता दें कि कई दिनों से लोनी इलाके में एक वीडियो मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था. इसमें कहा जा रहा था कि लोनी के अलग अलग मुहल्लों में हड्डियों के कारखाने संचालित हो रहे हैं. इन कारखानों में हड्डियों को घिसकर या काटकर आर्टिफिशियल ज्वैलरी और देव मूर्तियां बनाई जा रही हैं.

हड्डियों से बनाते थे मूर्तियां

इसके अलावा इन्हीं हड्डियों से हिंदुओं के पवित्र धार्मिक चिन्ह जैसे ओम, स्वास्तिक आदि भी बनाए जा रहे हैं. किसी ने यह वीडियो डीएम गाजियाबाद को भेज दिया. वहीं डीएम ने भी इस वीडियो पर संज्ञान लेते हुए तत्काल एसडीएम को मामले की जांच के आदेश दिए. इसी क्रम में रविवार को एसडीएम ने इन कारखानों पर दबिश दी और इन्हें सील करते हुए मशीनों को सीज कर दिया. वहीं इन कारखानों में मिली हड्डियों एवं सामानों को एसडीएम ने गड्ढा खोद कर दफन करा दिया है.

गोदाम में ना मूर्तिया मिलीं न जेवर

छापेमारी के बाद एसडीएम राजेंद्र कुमार ने बताया कि इन कारखानों में हड्डियों की बड़ी खेप तो मिली है, लेकिन गोदाम से अभी तक किसी देवता की मूर्ति नहीं मिली है. ना ही कोई आर्टिफिशियल सामान बरामद हुआ है. उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान साथ में मौजूद पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है. पुलिस ने सभी लोगों से पूछताछ कर रही है. एसडीएम ने बताया कि आरोपियों ने ना तो कारखाना चलाने का लाइसेंस लिया था, और ना ही प्रदूषण बोर्ड से एनओसी ली थी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.