ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

समुद्री डकैती की घटनाएं फिर बढ़ा सकती हैं दुनिया की टेंशन, इटली की नेवी का दावा, वजह भी बताई

समुद्री डकैती की घटनाएं पूरी दुनिया के चिंता का सबब हैं. इन वारदातों को अंजाम देने वालों के खिलाफ अलग-अलग स्तर पर दुनिया के तमाम देश ऑपरेशन भी चला रहे हैं. इस बीच इटली की नौसना के एक अधिकारी के बयान ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. उन्होंने दावा किया है कि समुद्री डकैती बढ़ सकती है. इसकी वजह है अधिकतर पोत यातायात को लाल सागर से ‘केप ऑफ गुड होप’ के जरिए मोड़ना.

नौसेना के कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल ऑरेलियो डी कैरोलिस शुक्रवार को गोवा में थे. यहां उन्होंने कहा कि ईरान समर्थित हूती विद्रोही के खतरे के कारण उत्तर-पूर्वी अफ्रीका और अरब के बीच लाल सागर से व्यापार कम हो गया है. अधिकतर पोतों का अब दक्षिण अफ्रीका के ‘केप ऑफ गुड होप’ से रास्ता बदला जाता है.

5-6 अक्टूबर को गोवा तट पर अभ्यास करेंगे

ऑरेलियो डी कैरोलिस ने कहा कि इस वजह से इस रीजन में समुद्री डकैती की वापसी को बढ़ावा मिला है. इस रीजन में समुद्री डकैती से निपटने में इंडियन नेवी बेहतरीन काम कर रही है. इटली के नौसेना वाहक स्ट्राइक ग्रुप कमांडर रियल एडमिरल जियानकार्लो सियापिना ने कहा कि वो 5-6 अक्टूबर को गोवा तट पर भारत के साथ अभ्यास करेंगे.

यह अभ्यास उस वक्त होगा जब हमारे विमानवाहक पोत क्षेत्र से बाहर निकलेंगे. हालांकि, रियर एडमिरल ने अभ्यास में भाग लेने वाले भारतीय नौसेना के बेड़े के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. बता दें किसमुद्री लुटेरों का इतिहास बहुत पुराना है. कहा जाता है कि समुद्री व्यापार के शुरू होने के समय से ही लुटेरे भी सक्रिय हो गए थे.

जब रोमन शासक को लुटेरों ने बनाया बंधक

दावा किया जाता है कि उस समय ये लुटेरे किसी न किसी देश की सेना से जुड़े होते थे. इतिहास के पन्नों को पलटें तो पता चलता है कि एक बार रोमन शासक जूलियस सीजर को समुद्री लुटेरों ने बंधक बनाया था. फिर वाइकिंग लोगों ने समुद्र पर राज किया था. यह स्कैंडिनेविया रीजन में रहने वाले लोग थे. ये लोग यूरोप, एशिया और उत्तरी अटलांटिक द्वीपों में लूट करते थे. इतना ही नहीं ये लोग समुद्र के साथ ही आसपास के गांवों में भी लूट की वारदातों को अंजाम देते थे.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.