पीएम मोदी ने पुणे मेट्रो रेल परियोजना का किया उद्घाटन, मेट्रो में बैठे बच्चों से की बातचीत
पुणे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को एक दिन के दौरे पर पुणे पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पुणेवासियों को मेट्रो का तोहफा दिया। मेट्रो रेल परियोजना के उद्घाटन के वक्त उनके साथ राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और भाजपा नेता देवेंद्र फडनवीस भी मौजूद रहे। पीएम ने यात्रा के समय मेट्रो में मौजूद बच्चों से बात भी की। पुणे मेट्रो का उद्घाटन करने पहुंचे पीएम ने खुद मेट्रो का टिकट लेकर सवारी की। पीएम मोदी ने गरवारे कॉलेज से आनंद नगर तक पुणे मेट्रो में यात्रा की है। पीएम मोदी ने कुल 32।2 किलोमीटर लंबी परियोजना के 12 किलोमीटर के हिस्से का गरवारे मेट्रो स्टेशन पर उद्घाटन किया और इस स्टेशन से आनंदनगर स्टेशन तक मेट्रो की यात्रा की। पुणे मेट्रो परियोजना की कुल लागत 11,400 करोड़ रुपए से अधिक है। प्रधानमंत्री ने 24 दिसंबर, 2016 को इस परियोजना की आधारशिला रखी थी।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने पुणे आते ही पुणे नगर निगम परिसर (पीएमसी) में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया। इस प्रतिमा की खासियत यह है कि यह 1,850 किलोग्राम गनमेटल से बनी है और लगभग 9।5 फीट लंबी है। प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार पुणे मेट्रो रेल परियोजना को कुल 11,400 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है। पुणे में पहले चरण के तहत पीसीएमसी से स्वारगेट और वनाज से रामवाड़ी दो रूट पर मेट्रो चलेगी। पीसीएमसी से स्वारगेट तक के रूट की लंबाई 11।4 किलोमीटर की है जिसमें 14 स्टेशन हैं।
पीसीएमसी से स्वारगेट रूट पर शिवाजीनगर से स्वारगेट तक 6 किलोमीटर का अंडरग्राउंड मार्ग है, जिसमें 5 स्टेशन होंगे। वहीं दूसरा रूट वनाज से रामवाड़ी 15।7 किलोमीटर का है और पूरी तरह से एलिवेटेड है। इसमें कुल 16 स्टेशन होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी बनेर में निर्मित 100 ई-बसों और ई-बस डिपो का भी शुभारंभ करेंगे। पीएम इसके साथ ही मुला-मुथा नदी परियोजनाओं के कायाकल्प और प्रदूषण उन्मूलन की आधारशिला भी रखेंगे। 1,080 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना लागत से नदी के 9 किमी के हिस्से में कायाकल्प किया जाएगा। इसमें नदी किनारे संरक्षण, इंटरसेप्टर सीवेज नेटवर्क, सार्वजनिक सुविधाएं, नौका विहार गतिविधि आदि जैसे कार्य शामिल होंगे। बता दें कि मुला-मुथा नदी प्रदूषण उपशमन परियोजना एक शहर एक संचालक की अवधारणा पर 1,470 करोड़ रुपए से अधिक लागत से लागू की जाएगी।
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