मध्य प्रदेश के बजट में दिखेगी मिशन 2023 की तैयारी की झलक
भोपाल | राज्य सरकार वर्ष 2022-23 का बजट बुधवार को विधानसभा में प्रस्तुत करेगी। इसमें मिशन 2023 यानी आने वाले विधान सभा चुनाव की तैयारियों की झलक भी दिखाई देगी। बजट में आत्म निर्भर मध्य प्रदेश के लिए अधोसंरचना विकास, निवेश को बढ़ाकर औद्योगिक विकास, रोजगार, कृषि, ग्रामीण और शहरी विकास पर फोकस रहेगा। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के बजट भाषण को मंजूरी देने के लिए सुबह 10 बजे विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री के सभाकक्ष में कैबिनेट बैठक होगी।
प्रदेश सरकार पहली बार चाइल्ड बजट प्रस्तुत करने जा रही है। इसमें विभिन्न् विभागों द्वारा बच्चों के ऊपर खर्च की जाने वाली राशि को एक पुस्तिका में प्रकाशित किया जाएगा। इसके साथ ही कृषि बजट भी रहेगा। इसमें भी सभी संबंधित विभागों को आवंटित बजट का ब्योरा दिया जाएगा। आत्म निर्भर भारत के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सरकार ने आत्म निर्भर मध्य प्रदेश की कार्ययोजना तैयार की है।
बजट में इसकी पूर्ति के लिए प्रविधान किए जाएंगे। पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर अधोसंरचना विकास के कामों को गति देने, नर्मदा प्रगति पथ और अटल प्रगति पथ के काम को गति देने, औद्योगिक विकास के लिए निवेश को बढ़ावा देने, नए औद्योगिक क्षेत्र बनाने, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग को बढ़ावा देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने, कृषि क्षेत्र में मोटे अनाज, जैविक खेती के विस्तार, नर्मदा नदी के दोनों तट पर पांच किलोमीटर तक प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने, कस्टम हायरिंग सेंटर के विस्तार, ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में विकास की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त वित्तीय प्रविधान किए जाएंगे।
लाड़ली लक्ष्मी योजना के दूसरे चरण, मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना संबल के स्वरूप में परिवर्तन की घोषणा में प्रस्तावित की गई है। गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए वित्तीय प्रविधान किए जाएंगे। संभव है कि गो संरक्षण के लिए राजस्व जुटाने की कोई अतिरिक्त व्यवस्था की जाए। अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए पर्याप्त राशि रखी जाएगी। कम लंबाई की सड़कों के लिए लोक निर्माण विभाग को अतिरिक्त राशि देना प्रस्तावित है।
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