किशोरी के अपहरण व दुराचार में 10 साल की कैद
विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) शैलेंद्र सिंह की कोर्ट ने किशोरी के अपहरण व दुराचार में रोहनिया के अमरा चक निवासी बबलू राजभर को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। उस पर 12 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की आधी राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया। प्रकरण में आरोपित बबलू के साथी राजकुमार की पहले ही मौत हो गई है। अदालत में अभियोजन की ओर से एडीजीसी संदीप जायसवाल ने पैरवी की।
पीड़िता की कम उम्र में शादी हो गई थी। रोहनिया थाने में उसके पति ने 30 अक्तूबर 2014 को एनसीआर दर्ज कराया। बताया कि बबलू उसकी पत्नी का अपहरण कर ले गया है। दो माह बाद किशोरी के भाई ने भी मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से किशोरी मिल गई।
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