जो बाइडेन ने पहली बार खींच दी लकीर, कहा- यदि रूस ने पार की ये लक्ष्मण रेखा तो अमेरिका भी युद्ध उतर जाएगा
Ukraine-Russia War Latest Update: रूस के हमले यूक्रेन पर लगातार जारी हैं. रूस, यूक्रेन के कई शहरों पर कब्जा कर चुका है और तेजी से कीव की तरफ बढ़ रहा है. लेकिन यूक्रेन, रूस के सामने हथियार डालने को तैयार नहीं है.
ब्रुसेल्स: रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) का आज (शुक्रवार को) 30वां दिन है. यूक्रेन (Ukraine) पर रूस (Russia) का कहर थम नहीं रहा है. लाखों लोग यूक्रेन छोड़ने को मजबूर हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने रूस को कड़ी चेतावनी दी है. बाइडेन ने कहा कि अगर रूस, यूक्रेन में केमिकल हथियारों (Chemical Weapons) का इस्तेमाल करेगा तो वो भी इसका जवाब देगा.
चीन के रवैये पर क्या बोले बाइडेन?
वहीं रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच चीन के रवैये को लेकर भी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने आपत्ति जताई है. जो बाइडेन ने कहा कि चीन अच्छे से जानता है कि उसका आर्थिक भविष्य (Economic Future) रूस के बजाय पश्चिम से अच्छे से जुड़ा है. मुझे लगता है कि चीन के राष्ट्रपति इसमें नहीं पड़ेंगे.
I think that China understands that its economic future is much more closely tied to the West than it is to Russia. I’m hopeful that he (Chinese President Xi Jinping) does not get engaged, US President Joe Biden said while responding to a question to the press in Brussels pic.twitter.com/MPN9R2bfrW— ANI (@ANI) March 24, 2022
जी-20 से बाहर किया जाए रूस
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि वो चाहते हैं कि रूस को जी-20 से बाहर कर दिया जाए. यूक्रेन पर रूस के हमले को लेकर NATO की आपात बैठकों के बाद ब्रुसेल्स में गुरुवार को जो बाइडेन ने ये टिप्पणी की.
बाइडेन ने वैश्विक नेताओं के सामने उठाया मुद्दा
जान लें कि जी-20, 19 देशों और यूरोपीय संघ का अंतर सरकारी मंच है जो प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर काम करता है. जो बाइडेन ने कहा कि उन्होंने गुरुवार को अन्य वैश्विक नेताओं के साथ ये मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि वो चाहेंगे कि जी-20 से रूस को बाहर किया जाए अगर इससे इंडोनेशिया और अन्य असहमत होंगे तो वो कहेंगे कि यूक्रेन के नेताओं को बातचीत में शामिल होने की अनुमति दी जाए. बाइडेन और पश्चिमी सहयोगियों ने गुरुवार को रूस पर नए प्रतिबंध लगाने और यूक्रेन को मानवीय सहायता देने का नया संकल्प लिया.
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