Logo
ब्रेकिंग
अमित शाह कल करेंगे चुनावी राज्य कर्नाटक का दौरा अपनी छोड़ सारे जहां की चिंता कर भोपाल के विद्यार्थी ने जीता पीएम मोदी का मन दिल्ली में न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस, वायु गुणवत्ता ‘खराब' श्रेणी में बजट से पूर्व भारत को US फार्मा उद्योग की सलाह- दवा क्षेत्र के लिए बनाए अनुसंधान एवं विकास नीति Corona Update: भारत में दम तोड़ रहा कोरोना, 24 घंटे में 100 से भी कम नए केस सड़क का खंबा नहीं होता तो अंधगति से आ रहे ट्रक थाना मोबाइल को ठोकता हुआ अंदर होता, cctv में दिखा कैसे... MP: मुरैना में बड़ा हादसा, वायुसेना का सुखोई-30 और मिराज हुए क्रैश सूरत के उधना इलाके में कार शोरूम में लगी भीषण आग रूठों को मनाने के लिए कांग्रेस चलाएगी घर वापसी अभियान ‘मूड ऑफ दि नेशन सर्वे’ में बजा CM योगी का डंका, 39.1 फीसदी लोगों ने माना बेस्ट परफॉर्मिंग चीफ मिनिस्...

नीट-पीजी काउंसलिंग की मांग को लेकर रेजीडेंट डाक्टरों का प्रदर्शन जारी, पुलिस के दुर्व्यवहार से खफा

नई दिल्ली। दिल्ली में नीट-पीजी काउंसलिंग की मांग को लेकर रेजीडेंट डाक्टरों की नाराजगी कम नहीं हो रही है। सोमवार को डाक्टरों ने मार्च निकालकर नीट-पीजी काउंसलिंग की मांग की थी। हालांकि इस बीच पुलिस व डाक्टरों के बीच तीखी नोकझोक व झड़पे हुई थी।

इसमें कई पुलिस कर्मी व डाक्टर चोटिल हो गए थे। पुलिस के इस दुर्व्यहार से खफा रेजीडेंट डाक्टरों ने मंगलवार को सफदरगंज अस्पताल में प्रदर्शन किया। पुलिस द्वारा की गई धक्कामुक्की और झड़प को लेकर नाराजगी जताई। यहां रेजीडेंट डाक्टरों ने मंगलवार को भी पैदल मार्च निकालने की तैयारी की। इसके बाद अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

मार्च के दौरान पुलिस द्वारा डाक्टरों से मारपीट और हिरासत में लेने पर डाक्टरों ने आक्रोश व्यक्त किया। डाक्टरों ने सफदरजंग अस्पताल से फिर मार्च निकाला। वे लोग गृहमंत्री अमित शाह से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें सरोजनी नगर थाने की तरफ मोड़ दिया। थाने के सामने करीब डेढ़-दो हजार डाक्टर धरने पर बैठ गए और मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे।

डाक्टरों के मार्च से रात आठ बजे के बाद से रिंग रोड पर यातायात बाधित रहा। इस कारण लोगों को परेशानी ङोलनी पड़ी। हम लोग एकत्रित होकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने के लिए निकले। इस पर पुलिस द्वारा इंद्रप्रस्थ डाकघर के पास रोका गया। नहीं रुकने पर मारपीट और महिला डाक्टरों के साथ बदसलूकी की गई। उन्हें जबरन हिरासत में लिया गया।

हड़ताल से अस्पतालों में मरीज रहे परेशान

रेजिडेंट डाक्टरों की 11वें दिन भी जारी हड़ताल से मरीजों को अस्पताल में इलाज नहीं मिला। इससे मरीज और उनके तीमारदार भटकते रहे। ज्यादातर अस्पतालों में ओपीडी और इमरजेंसी में वरिष्ठ डाक्टरों द्वारा कुछ ही मरीजों को देखा गया। वहीं, अधिकतर मरीजों को वापस लौटा दिया गया।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.