लेट्स इन्सपायर बिहार अभियान क्या है ?
इस का उत्तर मैं एक श्लोक के माध्यम से देना चाहुँगा। श्लोक : ।। मा भ्राता भ्रातरं द्विक्षन्, मा स्वसारमुत स्वसा। सम्यञ्च: सव्रता भूत्वा वाचं वदत भद्रया।।2।। (अथर्ववेद 3.30.3)
अर्थात : भाई, भाई से द्वेष न करें, बहन, बहन से द्वेष न करें, समान गति से एक-दूसरे का आदर- सम्मान करते हुए परस्पर मिल-जुलकर कर्मों को करने वाले होकर अथवा एकमत से प्रत्येक कार्य करने वाले होकर भद्रभाव से परिपूर्ण होकर संभाषण करें। आईपीएस श्री विकास वैभव ने तीन प्रमुख शब्दों पर जोर दिया है- शिक्षा, समता और उद्यमिता। यह तभी सम्भव है जब हम जतिवाद और धर्मवाद के कुटिल जाल से बाहर आने का सार्थक प्रयास करेंगे। लोग चाहते है कि लेट्स इन्सपायर बिहार अभियान का हम नेतृत्व करें पर, जो सहनशीलता, ज्ञान और बुद्धि श्री विकास वैभव में है, वो नहीं है तो अभियान की दिशा और मकसद ही अलग हो जाएगा। लेट्स इन्सपायर बिहार को तो श्री विकास वैभव जैसा कर्मठ, जुझारू और स्वार्थरहित नेतृत्वकर्ता की आवश्यकता है। जो अपने मातृभूमि से प्रेम करता हो। जिसके हृदय में सबके लिए समानता हो। एक जीव भी भूखे धरती पर नहीं मरता पर सबसे ज्यादा भूख इंसान को लगी रहती है। कब इंसान एक मनुष्य बनेगा। स्वामी विवेकानंद जी ने कहा- माँ मुझे मनुष्य बना दो। मैँ कहता हूँ- माँ मुझे विकास वैभव बना दो। हाँ यह सत्य है कि अगर बिहार की युवा पीढ़ी श्री विकास वैभव के चरित्र को अपना ले तो, बिहार के आबोहवा में चमत्कारिक परिवर्तन होगा। ऐसे ही देश विदेश में कई ऐसे व्यक्तित्व मौजूद है जो बिहार के युवाओं के रोल मॉडल बन सकते हैं। लेट्स इन्सपायर बिहार अभियान ऐसे लोगों को चिन्हित कर समाज के बीच ला रहा और ऐसे तमाम लोग आज छोटे छोटे वीडियो के माध्यम से बिहार को प्रेरित कर रहें। हम सब का अभिप्राय लगभग सही जा रहा। बिहार के सभी जाति और धर्म के लोग लेट्स इन्सपायर बिहार अभियान से जुड़ रहें और ऐसे लोगों को लगता हैं कि यह अभियान उनका अपना अभियान है और नेतृत्वकर्ता श्री विकास वैभव उनके अपने।
जय हिंद जय बिहार
राहुल कुमार सिंह, कार्यकर्ता, लेट्स इन्सपायर बिहार