ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में जंगली हाथियों के हमले से एक लड़की और महिला की मौत 

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सोमवार को हाथी के दो हमलों में एक 11 वर्षीय लड़की और एक महिला की मौत हो गई। जिससे पिछले तीन दिनों में इस तरह के हमले में मरने वालों की संख्या पांच हो गई। जिले के नगरी वन परिक्षेत्र में जंगली हाथी के हमले में एक लड़की सिमरन साहू (11) और एक महिला दसरी बाई निषाद (50) की मौत हो गई। सिमरन साहू अपने पिता शेखर साहू के साथ तुमबाहरा गांव के जंगल में महुआ एकत्र करने गई थी। जब वह जंगल में थे तभी जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया।

हाथी के हमले के बाद जब बेटी और पिता वहां से भागने लगे तब हाथी ने बालिका को कुचलकर मार डाला। शेखर साहू ने बताया कि सिमरन उसकी एकमात्र संतान थी और वह पांचवी कक्षा में पढ़ती थी। एक अन्य घटना में जिले के चारगांव के जंगल में जंगली हाथी ने एक महिला दसरी बाई निषाद (50) को मार डाला। अधिकारियों ने बताया कि संबलपुर गांव निवासी महिला दसरी बाई महुआ के फूल इकट्ठा करने चारगांव के जंगल में गई थी। जब महिला जंगल में थी तभी हाथी वहां पहुंच गया और उसने महिला को सूंड से उठाकर पटक कर मार डाला।

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप निदेशक अरुण जैन ने कहा कि ग्रामीणों को आसपास के क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी के बारे में सतर्क कर दिया गया है और कहा गया है कि वे जंगल में लकड़ी या महुआ लाने न जाएं। उन्होंने कहा कि इन हाथियों को गांवों से दूर भगाने के प्रयास जारी हैं। ऐसी घटनाएं ज्यादातर सरगुजा, रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बालोद, बलरामपुर और कांकेर जिलों में हुई हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.