लेट्स इन्सपायर बिहार की देन-‘बिहार के अंदर क्षेत्रवाद का पतन
यह सुनकर सुखद अनुभव हो रहा। लेट्स इन्सपायर बिहार अभियान की टीम और ख़ास तौर से आईपीएस श्री विकास वैभव जी को हार्दिक बधाई। लेट्स इन्सपायर बिहार की पहली जीत शानदार हुई है। जब छोटा था तब से इस विष को पहचान रहा था। उस समय कोई कहता मैँ भोजपुरवासी हूँ,मैँ मगह का निवासी हूँ, मैँ मिथलावासी हूँ। सम्भवतः यह मैँ ही सबसे बड़ा दोषी है। उस समय जातिवाद ने अपनी जहरीली जड़ें फैलाना शुरू नहीं किया था। क्षेत्रवाद ही प्रमुख समाजिक विष बिहार में था। यह घातक नहीं था, जैसा आजकल बिहार में जातिवाद हैं। फ़िर भी क्षेत्रवाद ने बिहार के कई जिलों को शिक्षा और उद्यमिता के क्षेत्र में पिछड़ा कर दिया।
उस समय के नेताओं में अपने-अपने क्षेत्र के विकास के लिए खींचातानी होने लगी। बिहार के कई जिले मुख्यधारा से कटने लगे। क्षेत्रवाद ने बिहार में असमानता और आपसी वैमनस्य की खाई को तेजी से बढ़ाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे इसी क्षेत्रवाद के कारण बिहार में कुटिल भावनाओं के कारण एक ज़हरीली हवा प्रदूषित हुई, जिसको हम जातिवाद कहते हैं। यह इतना बड़ा विस्फोट था कि इसके सामने 3 दिसम्बर 1984 का भोपाल गैस त्रासदी भी बौना साबित हो गया। भोपाल में स्थित यूनियन कार्बाइड के कारख़ाने से निकली जहरीली गैस मिथाईल आइसोसाइनाइट(MIC) से भी अति खतरनाक थी। 15000 लोगों की मौत और लाखों लोग अंधेपन का शिकार हो गए थे। पर, बिहार की जतिवाद ने लाखों लोगों की जान ले ली और करोड़ों लोग आज भी अंधेपन के जबरदस्त शिकार हैं। बिहार ख़ुशनसीब है, जिसे आईपीएस विकास वैभव जैसा सुपुत्र मिला। इन्होंने एक मजबूत टीम बनाई और समाज की इस जहरीली गैस मुक्ति हेतु मुहिम छेड़ दी। इनकी सोच से उत्पन्न लेट्स इन्सपायर बिहार ने आज क्षेत्रवाद को बिहार से लगभग ख़त्म सा कर दिया है। अभियान की जबरदस्त सफलता लोगों के हृदय में स्थान बना रहीं। लोग क्षेत्रवाद को भुलाकर बिहार का नाम जपने लगें हैं। क्षेत्रवाद के खात्मे के बाद जल्द ही हम जतिवाद पर भी विजय प्राप्त कर लेंगे। फिर तो बिहार के उन्नति को कोई रोक नहीं पाएगा। हम समझते है कि मंजिल अभी दूर है, पर यह भी निश्चित ही है कि मंजिल को पाना दुरूह नहीं। सब के सहयोग से और कठिन मेहनत से आज बिहार के अंदर और बिहार से बाहर रह रहे करोड़ों बिहारी प्रेरित हो रहें। हम सब को ईमानदारी से निष्ठावान आईपीएस श्री विकास वैभव को सकारात्मक सहयोग के लिए सन्कल्प लेना चाहिए। आइए, सन्कल्प लें! अपने हृदय से क्षेत्रवाद को हटाकर केवल जय बिहार का नारा लेंगे।
क्योंकि क्षेत्रवाद बिहार से हटेगा तब ही जतिवाद भी बिहार से पूर्णतया सफाया हो जाएगा। सही दिशा में सोच हो, तो सफलता में सहभागी ईश्वर भी होंगे।
जय हिंद जय बिहार
राहुल कुमार सिंह, लेट्स इन्सपायर बिहार