धर्म परमार्थ के लिए करे स्वार्थ के लिए नहीं : पं.गुदुन त्रिपाठी
भोपाल। धर्म परमार्थ के लिए होना चाहिए,स्वार्थ के लिए नहीं।जिस कार्य में स्वार्थ हो वो धर्म हो ही नहीं सकता,उक्त बातें सागर एवेन्यू में चल रहे नौ दिवसीय दुर्गा सप्तशती का पाठ एवं हवन यज्ञ में पधारे पं.गुदुन त्रिपाठी (मुनीराज जी) ने कही।उत्तर प्रदेश से पधारे पंडित त्रिपाठी व्याकरणाचार्य भी है। पं.त्रिपाठी धर्म में आडंबर के खिलाफ मुखर होकर बोलते हैं ।पं. त्रिपाठी चल रहे हवन यज्ञ में यंत्र मंत्रोचार द्वारा अग्नि प्रज्वलित भी किया। इस अवसर पर सात और आचार्य भी पूजा में सम्मिलित रहे ।देवी शंकर शुक्ला,अपूर्व शुक्ला,सुधीर शुक्ला,भोजपुरी समाज के समाज सेवी पंकज ठाकुर भी उपस्थित रहे ।