जबलपुर में अंधविश्वास का शिकार पोते ने 71 साल के परदादा पर तलवार से किए थे 17 वार
जबलपुर । रैयाखेड़ा निवासी व आर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया के सेवानिवृत्त कर्मचारी नेतराम अहिरवार 71 वर्ष की अंधी हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्या के आरोप में माढ़ोताल पुलिस ने नेतराम के पोते संदीप अहिरवार 21 वर्ष को गिरफ्तार किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि नेतराम पर धारदार हथियार से करीब 17 वार किए गए थे। नेतराम का शव सोमवार देर रात उसके घर से चंद कदम दूर शासकीय स्कूल के सामने मिला था। जहां नेतराम समेत तमाम किसानों ने अनाज का भंडारण किया था। पुलिस ने बताया कि संदीप ने जादू टोना के अंधविश्वास के कारण हत्या करना स्वीकार किया है। सीएसपी तुषार सिंह व माढ़ोताल टीआइ रीना पांडेय शर्मा ने मंगलवार रात हत्याकांड का खुलासा किया।
यह है मामला :
सीएसपी सिंह ने बताया कि रैयाखेड़ा निवासी नेतराम खेती किसानी करते थे। मोहल्ले में स्थित सरकारी स्कूल के बाहर अन्य ग्रामीणों की तरह नेतराम ने अनाज का भंडारण किया था। सोमवार रात करीब 11 बजे वे अनाज की देखरेख करने के लिए घर से निकले थे। रात करीब 12 बजे गांव में रहने वाले आकाश कोल ने नेतराम को खून से लथपथ हालत में देखा और उनके स्वजन को सूचना दी। स्वजन पहुंचे तो स्कूल के सामने सड़क के किनारे नेतराम का शव मिला। नेतराम के सिर, हाथ, छाती, पेट समेत अन्य अंगों पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा, एफएसएल अधिकारी डा. सुनीता तिवारी समेत अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया।
मोहल्ले वालों ने खोला राज :
शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कालेज अस्पताल भेजते हुए माढ़ोताल पुलिस ने हत्या की एफआइआर दर्ज की। जिसके बाद आरोपित की तलाश में कई टीमों को लगाया गया। इस बीच पुलिस को पता चला कि रिश्ते में नेतराम का पोता संदीप अहिरवार घटना की रात स्कूल के पास देखा गया था। जिसके बाद पुलिस टीम संदीप की तलाश में जुटी। वह घर पर नहीं मिला। पुलिस को पता चला कि संदीप शारदा नगर माढ़ोताल में अपने फूफा भैरव चौधरी के घर छिपा है। पुलिस टीम ने भैरव के घर दबिश दी। जहां संदीप ने पुलिस टीम को देखते ही भागने का प्रयास किया। घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। उसके कब्जे से मोटरसाइकिल एमपी 20 एनएम 7262, मोबाइल फोन तथा घटना के समय पहने कपड़े जब्त किए गए।
जादू टोना के कारण नहीं हो रही थी वंश वृद्धि :
पुलिस ने संदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने नेतराम की हत्या करना स्वीकार किया। उसने बताया कि जिस तलवार से हमला कर हत्या की थी उसे खेत में फेंक दिया था। पुलिस उसे लेकर खेत पहुंची जहां तलवार जब्त की गई। संदीप ने बताया कि उसे परदादा नेतराम जादू टोना करते थे। इसीलिए उसके परिवार में वंश वृद्धि नहीं हाे पा रही थी। उसके दो भाईयों का विवाह हुआ था। जिनकी कोई संतान नहीं है। जादू टोना के कारण चार साल पहले उसके एक भाई की मौत हो गई थी। भाभी का गर्भपात हो गया था। जिसके कारण व नेतराम की हत्या का मन बना चुका था। सोमवार रात वह सरकारी स्कूल के पीछे छिपा था। जैसे ही नेतराम वहां पहुंचे तलवार से हमला कर उनकी हत्या कर दी।
इनकी रही भूमिका :
आरोपित की गिरफ्तारी में टीआइ शर्मा, एसआइ यदुवंश मिश्रा, एएसआइ राधेश्याम राय, दयाशंकर सेन, प्रधान आरक्षक हिमलेश, प्रेमनारायण, रामेशवर, आरक्षक दिनेश दुबे, विनीत, महेंद्र, संदीप, रवि वर्मा, नरेश चौधरी, शशि प्रकाश, संदीप सिंह, सचिन जैन, पुलिस लाइन में पदस्थ एएसआइ राजेश शुक्ला, विजय शुक्ला, रमाकांत मिश्रा, प्रधान आरक्षक अजय यादव, ज्ञानेंद्र पाठक, आनंद तिवारी की भूमिका रही।
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