फरियादी ही निकला आरोपी: गर्लफ्रेंड का शौक पूरा करने के लिए मैनेजर ने खुद रची थी लूट की कहानी, इस तरह हुआ खुलासा
ग्वालियर। डबरा पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच ने एक ऐसी सनसनीखेज लूट का खुलासा किया है, जिसमें फरियादी ही आरोपी निकला है। फरियादी ने आईपीएल सट्टा में हारे रुपए को चुकाने के साथ महंगे फोन और गर्लफ्रेंड के शौक को पूरा करने के लिए लूट का झूठा षड्यंत्र रचा था। पुलिस ने वारदात का पर्दाफाश करते हुए फरियादी और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। वहीं फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
दरअसल, डबरा सिटी थाना अंतर्गत बीती 6 मई को एक सनसनीखेज लूट की वारदात सामने आई थी, जहां एक फाइनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर से 11 लाख 77 हजार रुपए की लूट हुई थी। यह वारदात उस वक्त हुई जब रकम को जमा करने के लिए ब्रांच मैनेजर अंशुल गुप्ता बैंक जा रहा था। इस वारदात की शिकायत डबरा सिटी थाने में की गई थी, तभी से पुलिस लगातार इस घटना का पर्दाफाश करने में जुटी हुई थी। क्राइम ब्रांच की मदद से लूट के अपराध का खुलासा करने में जुटी पुलिस ने 272 सीसीटीवी फुटेज, 911 मोबाइल नंबर और 50 से ज्यादा संदिग्ध लोगों से पूछताछ की, जिसके बाद जो जानकारी उनके हाथ लगी उसने पुलिस के भी होश फाख्ता कर दिए, क्योंकि इस सनसनीखेज लूट की घटना का मुख्य आरोपी खुद फरियादी शुल गुप्ता ही था।
इस तरह पुलिस ने किया खुलासा
अंशुल गुप्ता ने आपने 4 साथी प्रशांत सेन, मोहित पवैया, पुष्पेंद्र साहू और बादल जाट के साथ मिलकर लूट की घटना का षड्यंत्र तैयार कर उसे अंजाम दिया था। अंशुल गुप्ता ने फाइनेंस कंपनी की बैंक में जमा होने वाली रकम को लूट कर आईपीएल सट्टे में हारी रकम को चुकाने के साथ महंगे मोबाइल और गर्लफ्रेंड का शौक पूरा करने की योजना बनाई थी। लेकिन पुलिस की जांच टीम ने उनके इन मंसूबों पर पानी फेर दिया। पुलिस ने लूटी हुई रकम के बंटवारे को लेकर लुटेरों के बीच हुए विवाद का फायदा उठाया और मुख्य आरोपी अंशुल गुप्ता के साथ प्रशांत सेन और मोहित पवैया को गिरफ्तार कर लिया, वहीं उनके दो अन्य साथी पुष्पेंद्र साहू और बादल जाट की तलाश तेज कर दी है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों से लूटी गई रकम में से दो लाख 30 हजार रुपए के साथ एक 315 बोर का कट्टा, जिंदा राउंड, एक कार और एक मोटरसाइकिल को भी बरामद किया है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.