पुरुष नसबंदी में रोहतास जिला का स्थान राज्य में में हुआ अव्वल
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डे ने रोहतास जिला को किया पुरस्कृत
जागरूकता की वजह से पुरुष नसबंदी को मिल रहा बढ़ावा
सासाराम। परिवार नियोजन को लेकर केंद्र सरकार के साथ साथ राज्य सरकार लगातार अभियान चला रही है और इसके लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करके लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। सरकार द्वारा संचालित कार्यक्रम एवं जागरूकता अभियान रोहतास जिला में भी रंग ला रहा है। जागरूकता की वजह से पुरुष नसबंदी में रोहतास जिला सभी जिलों को पछाड़ते हुए आगे निकल गया है। पुरुष नसबंदी में रोहतास जिला को राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। राज्य स्वास्थ समिति स्थित परिवार कल्याण भवन परिवार नियोजन के एक दिवसीय कार्यशाला सह समीक्षा कार्यक्रम के दौरान रोहतास जिला को पुरुष नसबंदी में प्रथम स्थान के लिए पुरस्कृत किया गया है। पुरुष नसबंदी को लेकर पुरुषों में अभी भी भ्रम फैला हुआ है की नसबंदी कराने से कमजोरी आती है और स्वास्थ्य पर असर पड़ता है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। उन्होंने बताया कि पुरुष नसबंदी के बाद पुरुषों में किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती है। वे लोग सामान्य जिंदगी जी सकते हैं। पुरुष नसबंदी काफी सुविधाजनक हो गया है। नसबंदी के आधे से 1 घंटे के भीतर पुरुष को अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है। एसीएमओ ने उक्त सम्बंध में बताया कि पुरुषों को नसबंदी के बाद महिलाओं से अधिक प्रोत्साहन राशि भी प्रदान किया जाता है। अब पुरुष, नसबंदी को लेकर आगे आ रहे हैं और इसकी मुख्य वजह है भ्रामक बातों से दूरी और जागरूकता। नसबंदी को लेकर पुरुषों में गलत धारणा अब धीरे-धीरे कम होती जा रही है। पुरुष स्वयं नसबंदी के लिए आगे आ रहे हैं। इसमें स्वास्थ विभाग द्वारा चलाया जा रहा जन जागरूकता अहम भूमिका निभा रहा है। रोहतास जिला की कई स्वास्थ समिति से मिली जानकारी के अनुसार रोहतास जिले में वर्ष 2021- 22 के लिए कुल 591 लोगों को लक्षित कुल 208 लोगों की नसबंदी की गयी।
अन्य जिलों के तुलना में रोहतास जिले के पुरुष नसबंदी की संख्या अधिक रही। इस कारण रोहतास जिले को पुरुष नसबंदी में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। रोहतास जिला अंतर्गत सासाराम अस्पताल में सर्वाधिक 60 पुरुषों का नसबंदी किया गया, जबकि चेनारी प्रखंड में लक्ष्य से अधिक पुरुषों के नसबंदी को माना जा सकता है। की गयी। चेनारी प्रखण्ड में लक्षित 27 पुरुषों के विरुद्ध 37 पुरुषों का हुआ नसबंदी जो अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा किया गया था। इसके विरूद्ध जिले में प्रभारी डॉ अशोक कुमार सिंह ने बताया कि पुरुष नसबंदी महिला बंध्याकरण में कहीं अलग एवं अधिक है।