नेपाल में स्थानीय निकाय चुनाव, 72 घंटे के लिए बॉर्डर सील
मोतिहारी: बिहार से सटे भारत-नेपाल बॉर्डर पर बहत्तर घंटे के लिए आवागमन बाधित कर दी गई है। भारत के पड़ोसी देश नेपाल में आगामी 13 मई को निकाय चुनाव को लेकर दोनों देशों के बॉर्डर को सील कर दिया गया है। चुनाव के मद्देनजर बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। भारत-नेपाल बार्डर से लगने वाली पूर्वी चंपारण जिला के रक्सौल बॉर्डर समेत सभी बाहर निकलने वाले और भारत के अंदर आने वाले रास्ते को पूर्णत: बंद कर दिये गये हैं। बॉर्डर की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मी के अलावा राज्य सरकार के पुलिस कर्मियों को भी ड्यूटी दिया गया है। नेपाल के गृह मंत्रालय के निर्देश पर 10 मई के आधी रात से लेकर 13 मई के आधी रात तक 72 घंटे के लिए भारत नेपाल बॉर्डर सील कर दिया गया है। भारत के तरफ से भी नेपाल में होने वाले चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां नेपाल के सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में हैं। पूर्वी चंपारण के डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने बताया कि इंडो-नेपाल बॉर्डर समन्वय समिति की बैठक में नेपाल में होने वाले चुनाव को लेकर दोनो देशों के तरफ से बॉर्डर सील करने का निर्णय लिया गया है। इस बॉर्डर के बंदी को लेकर हमारे देश के एसएसबी पूरी तरह से तैयार है। कस्टम और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी साफ तौर पर निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके साथ ही सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों को भी इसके लिए तैयार किया जा रहा है। ताकि पड़ोसी देश नेपाल में हो रहे स्थानीय निकाय चुनाव पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढ़ंग से सम्पन्न हो सके। मिली जानकारी के अनुसार भारत के पड़ोसी देश नेपाल के 77 जिलों में स्थानीय निकाय का चुनाव आगामी 13 मई को होना है। इस चुनाव के लिए चुनाव प्रचार का शोर थम गया है। निकाय चुनाव को लेकर पूर्वी चंपारण जिले से सटने वाली सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सीमा पर दोनों देश के सुरक्षाकर्मियों ने आपसी सामंजस्य के साथ निगरानी और गश्त तेज कर दी है। मरीजों के लिए विशेष परिस्थिति में सीमा पर छूट प्रदान की जाएगी। मरीजों के साथ एम्बूलेंस को ही सीमा से आवाजाही की अनुमति रहेगी।