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आत्मनिर्भर हो रहे हैं सुदूर क्षेत्र मरईगुड़ा के ग्रामीण

रायपुर :   प्रदेशव्यापी भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दूसरे चरण के पहले दिन मुख्यमंत्री आज कोंटा विधानसभा पहुंचे। भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री बघेल से मिलने सुकमा जिले के सुदूर ग्राम मरईगुड़ा के सरपंच हपका मारा के साथ कोरसा अर्जुन, मड़कम नागेश, माड़वी लक्ष्मण, सुन्नम रत्यैया समेत अनेक ग्रामीण पहुँचे थे। सरपंच के साथ आए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को अपने गांव की मिर्ची, अरहर और कपास के उत्पादन की जानकारी दी। साथ ही गांव में उत्पादित मिर्ची, कपास और अरहर के नमूने भी दिखाए। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बसे ग्रामीणों और किसानों के उत्साह को देखकर खुशी जाहिर की और मरईगुड़ा के सरपंच को बधाई दी।

गौरतलब है कि सुकमा जिला मुख्यालय से 150 किलोमीटर दूर बसे मरईगुड़ा में कपास, मिर्च और अरहर की व्यापक खेती शुरू हो गई है। इन उत्पादों को ग्रामीण स्थानीय बाजार के साथ ही सीमावर्ती राज्य आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में विक्रय करते हैं। मरईगुड़ा कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित गांव था लेकिन मुख्यमंत्री श्री बघेल के प्रयास और राज्य की कल्याणकारी योजनाओं की वजह से यहां के किसान उन्नत खेती कर रहे हैं तथा भयमुक्त वातावरण में खुशहाल जीवन जी रहे हैं।

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