एक जिला एक फसल ने डुबाई किसानों की लुटियाः एक रुपए में 4 किलो प्याज बेचकर अन्नदाताओं ने जताया विरोध, समर्थन मूल्य पर खरीदी की मांग
इमरान खान, नाराज किसानों ने एक रुपए में 4 किलो प्याज आम रास्ते पर बेचकर अपना विरोध जताया। किसानों की मांग है कि सरकार प्याज का समर्थन मूल्य तय करें, वरना किसान यू ही बर्बाद हो जाएगा। किसानों को उनकी लागत तक नहीं निकल पा रही है। किसान के खेत से मंडी तक आने का भाड़ा भी किसानों को जेब से देना पड़ रहा है। इसी के विरोध में आज किसानों ने 2 घंटे का धरना प्रदर्शन किया और इसके बाद लोगों को एक रुपए में 4 किलो प्याज देकर अपना विरोध दर्ज कराया।
खंडवा में प्याज उत्पादक किसानों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया है। प्याज के लगातार गिरते दामों से परेशान किसान धरने पर बैठ गए। सड़क किनारे दुकान लगाकर 1 रुपए में 4 किलो और 20 रुपए में प्याज का 50 किलो का पूरा कट्टा बेच दिए। किसानों का कहना है, कि प्याज के उचित दाम नहीं मिलने से प्याज उत्पादक किसान को भरी नुकसान हुआ है। स्थिति यह है, कि खेत से प्याज निकलवाने की मजदूरी तक नहीं मिल रही है। मंडी में व्यापारी प्याज को मिट्टी के भाव तौल रहे है। ऐसे में अब किसान कैसे अपना घर चलाएं, बच्चों और परिवार को पाले।
बता दें कि पूरे निमाड़ में खंडवा सबसे बड़ा प्याज उत्पादक जिला है। इस कारण एक जिला एक फसल में खंडवा को प्याज की फसल के लिए चुना गया है। प्याज के लगातार गिरते दामों ने किसानों को रुला दिया है और अब किसान धरने प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों की मांग है, कि सरकार प्याज का समर्थन मूल्य पर खरीदी करें। 15 रुपए से ज्यादा पर समर्थन मूल्य दें या तो भावांतर राशि का भुगतान करें नहीं तो किसान को अब सड़कों पर आना पड़ेगा और आंदोलन को उग्र करना पड़ेगा। जानकारी तिलोकचंद पटेल अध्यक्ष राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ खंडवा और किसान विकास भागवत ने दी।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.