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MP महिला कांग्रेस परिवारवाद से परेशान ! नेताओं की पत्नियों को ना दिया जाए टिकट, सक्रिय महिला कार्यकर्ताओं को देने उठी मांग

भोपाल। मध्यप्रदेश में अगस्त के पहले सप्ताह में नगरीय निकाय चुनाव होने की पूरी संभावना है. आरक्षण की प्रकिया भी लगभाग पूरी हो चुकी है, सिर्फ अध्यक्ष और महापौर पद का आरक्षण होना है. पार्षदों के वार्डों का आरक्षण हो चुका है. दावेदार सक्रिय हो चुके है. कई दिग्गज नेताओं की सीटें इस बार महिला वर्ग को आरक्षित हो गई है. जिसके बाद नेता अपने परिवार की किसी महिला या फिर पत्नी को टिकट देकर चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहे है. लेकिन इसको लेकर मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस के अंदर आवाज उठने लगी है.

मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष विभा पटेल का कहना है कि हमारी कोशिश है कि सक्रिय महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को टिकट मिले, जो सालों से पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर मेहनत कर रही है, उसे टिकट दिया जाए. इसको लेकर वो पीसीसी चीफ कमलनाथ से भी मुलाकात करेंगी और अपनी मांग रखेंगी, क्योंकि जहां महिला आरक्षित सीटें है, वहां सबसे पहला हक सक्रिय महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं का है.

बता दें मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय में महिलाओं के लिए 50 फीसदी का आरक्षण है. जिसके चलते कई दिग्गज पुरुष पार्षदों की सीट इस बार आरक्षण के बाद महिला कोटे में चली गई है. जिस कारण नेता अपनी पत्नियों को चुनाव लड़ाने की जुगत में है. जिसे लेकर विरोध पहले से ही शुरू हो गया है.

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