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भारत के नए संचार उपग्रह जीसैट-24 का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण

नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा अपनी वाणिज्यिक शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के लिए बनाए गए संचार उपग्रह जीसैट-24 का फ्रेंच गुयाना (दक्षिण अमेरिका) के कोउरू से गुरुवार को सफल प्रक्षेपण किया गया। जीसैट-24 एक 24-केयू बैंड वाला संचार उपग्रह है, जिसका वजन 4180 किलोग्राम है। यह ‘डीटीएच’ संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए अखिल भारतीय कवरेज मुहैया कराएगा। एनएसआईएल ने उपग्रह की पूरी क्षमता ‘टाटा प्ले’ को लीज पर दी है। इसरो की कॉमर्शियल ब्रांच न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड ने जीसैट-24 उपग्रह को टाटा प्ले को लीज पर दे दिया है. अब देश में डीटीएच जरूरतों को पूरा करने में यह सैटेलाइट अखिल भारतीय कवरेज मुहैया कराएगा। इस सैटेलाइट और उसके सभी उपकरणों को 18 मई 2022 को मालवाहक विमान ग्लोबमास्टर सी-17 के जरिए कौरोउ भेजा गया था। जीसैट-24 एक 24-केयू बैंड संचार उपग्रह है जिसका वजन 4181 किलोग्राम है। लॉन्चिंग 22 जून 2022 को फ्रांस के फ्रेंच गुएना स्थित कौरोउ स्थित एरियल स्पेस सेंटर से की गई।

इसरो के जीसैट-24 के अलावा इस रॉकेट से मीसट नाम का सैटेलाइट भी लॉन्च किया गया है। इसे एयरबस कंपनी ने तैयार किया था। इसका वजन 5648 किलोग्राम है। ये दोनों ही सैटेलाइट धरती के जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में चक्कर लगाएंगे। एरियन-5 ईसीए रॉकेट 53 मीटर ऊंचा रॉकेट है। इसका व्यास 11.5 मीटर है। यह भारी उपग्रहों को तय कक्षा में पहुंचाने की ताकत रखता है। जीसैट-24 सैटेलाइट 15 सालों के लिए काम करेगा। यह अपनी सेवाएं डीटीएच सर्विस प्रोवाइडर टाटा प्ले के लिए देगा। इस सैटेलाइट की मदद से पूरे भारत में टाटा प्ले ज्यादा बेहतर और सुचारू रूप से चलने वाली डीटीएच सेवाएं दे पाएगा। एरियनस्पेस से यह 25वां भारतीय सैटेलाइट लॉन्च किया है। एरियनस्पेस ने 11 जीसैट-24 सैटेलाइट्स अब तक लॉन्च किए हैं। इसरो और एरियनस्पेस का संबंध 1981 से लगातार बना हुआ है। इसकी शुरुआत एप्पल सैटेलाइट की लॉन्चिंग से हुई थी।

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