लंपी बीमारी से हो रहा नुक्सान,सरकार नहीं कर रही मदद,सिर्फ 75 लाख रुपये दिए सरकार ने
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में आज किसान जत्थेबंदियों ने फिरोजपुर रोड़ वेरका मिल्क प्लांट के बाहर धरना लगाया है। किसान नेता बलजिंदर सिंह ब्लाक प्रधान पक्खोवाल कादियां ने कहा कि कि वेरका मिल्क प्लांट उनसे लिए जाने वाले दूध के दाम नहीं बढ़ा रहा।वहीं लंपी बीमारी के कारण लगातार किसान घाटे में जा रहा है। कई पशुओं की लंपी से मौत हो चुकी है। पंजाब सरकार ने अभी तक लंपी बीमारी को लेकर सिर्फ 75 लाख रुपये जारी किए है। पंजाब के गांवों की संख्या और बीमार पशुओं की गिनती के मुताबिक एक पशु पर सिर्फ 625 रुपये बैठ रहे है जबकि किसान एक पशु पर 4 ले 5 हजार रुपये खर्च कर रहा है।किसान नेताओं का कहना है कि पंजाब में पशु बड़ी संख्या में मर रहे है लेकिन फिर भी दूध के कमी नहीं आ रही जो कि बड़ा सवाल है। किसानों का आरोप है कि पंजाब के लोगों को नकली दूध सप्लाई किया जा रहा है। किसानों ने कहा कि नकली दूध की फैक्ट्रियों में सेहत विभाग छापामारी तक नहीं कर रहा।जानकारी देते हुए जमहूरी किसान सभा के सचिव रघुबीर सिंह बैनीपाल ने कहा किसानों के साथ वादा किया था कि वह 30 रुपये किलो फेट सरकार ने देनी थी और 20 रुपये प्रति फेट मार्क फेड ने देना वह मिला नहीं। वहीं जो पशु लंपी बीमारी से मर रहे है या बीमार है उनका 1 लाख रुपये प्रति पशु सरकार मु्आवजा दे।सरकार से मांग करते है कि पशुओं का सही से उपचार करवाया जाए। घर-घर में दूध पहुंचता है। इसलिए पशुओं का उपचार पहल के आधार पर हो। दुधारू पशुओं का कारोबार सहायक खेतीबाड़ी कारोबार है। यदि समय रहते सरकार ने सुनवाई न की तो पशु पालक भी आत्म हत्या कर सकते है। त्योहारों के दिनों दूध का खपत अधिक है लेकिन पशु बीमार है। इसलिए सरकार को ध्यान देना चाहिए कि बाजार में मिलावट वाला दूध न बिक पाए।
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