बोले- सरकार ईंट बनाने का काम उद्योगपतियों को देने की पक्षधर; अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे
हिसार सिटी: हिसार में बैठक के बाद जानकारी देते भट्ठा मालिक।हरियाणा के हिसार में आल इंडिया ब्रिक एवं टाईल मैन्युफैक्चरिंग फेडरेशन व हरियाणा प्रदेश भट्ठा एसोसिएशन से संबद्ध हिसार जिगजैग भट्ठा एसोसिएशन ने रविवार को बैठक करके देशभर में प्रस्तावित भट्ठा हड़ताल को लेकर चर्चा की गयी। बैठक में जिला भर के भट्ठा मालिकों ने हिस्सा लिया।जिगजैग भट्ठा एसोसिएशन के जिला प्रधान दलबीर सिंह पंवार ने कहा कि सरकार लघु उद्योग के रूप में चल रहे देशभर के लगभग डेढ़ लाख ईंट भट्ठों को बंद करके ईंटें बनाने का कार्य गिने चुने उद्योगपतियों के हाथों में देना चाहती है। इसलिए सरकार ऐसी नीतियां लागू कर रही है जिससे देश में चल रहे सभी ईंट भट्ठे बंद हो जायेंगे और इनसे सीधे तौर पर जुड़े 3 करोड़ मजदूर और अपरोक्ष रूप से 3 करोड़ अन्य लोग बेरोजगार हो जायेंगे।पंवार ने बताया कि जब सरकार ने जीएसटी सिस्टम चालू किया था तो ईंट भट्ठों को 1 प्रतिशत कंपोजिशन स्कीम में रखा था मगर इस साल 1 अप्रैल से सरकार ने कंपोजिशन स्कीम खत्म करके 6 और 12 प्रतिशत जीएसटी लगा दिया। इसके अलावा कोयला के भाव तीन गुना तक सरकार की तरफ से बढ़ा दिये गये हैं। हालत इतनी खराब हो चुकी है कि भट्ठों के पास ईंटें बनाने के लिए ईंधन नहीं है।सरकार भट्ठा उद्योग को बंद करने की साजिश कर रही है। साथ ही सरकार मध्यम वर्ग को खत्म करना चाहती है ताकि देश में सिर्फ कारपोरेट हाउसिस और गरीबी रेखा से नीचे के लोग रह जायें। सरकार की इन्हीं गलत नीतियों के खिलाफ आल इंडिया ब्रिक एवं टाईल मैन्युफैक्चरिंग फेडरेशन ने अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।हिसार जिगजैग भट्ठा एसोसिएशन ने आल इंडिया फैडरेशन के निर्णय का साथ देते हुए हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की इन नीतियों के कारण आने वाले समय में उपभोक्ताओं को ईंटों की कमी आने वाली है। भट्ठों पर फिलहाल ढाई से तीन महीने का स्टॉक बचा है और यदि सरकार ने भट्ठा मालिकों की मांगें मानते हुए गलत नीतियों को वापस नहीं लिया तो देश में ईंटों की किल्लत पैदा हो जायेगी।
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