कर्मचारियों की हड़ताल से प्रशासनिक व्यवस्था चरमराई
छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों की हड़ताल से प्रशासनिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हड़ताली कर्मचारियों से काम पर वापस लौटने की अपील की है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया एकाउंट से एक संदेश पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने लिखा है- हड़ताल में शामिल सभी कर्मचारियों से मेरी अपील है कि लोगों की जरूरतों से जुड़े काम रुक जाने से जनता को भारी असुविधा हो रही है। अत: आप सभी कर्त्तव्यों का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री ने लिखा कि हमारी सरकार कर्मचारी हित के लिए सदैव तत्पर है। पुरानी पेंशन योजना उसका एक उदाहरण है। राज्य के वित्तीय संसाधनों को देखते हुए हम कर्मचारी हित में निर्णय लेते रहे हैं, आगे भी लेते रहेंगे।
मंगलवार को जारी एक परिपत्र में हड़ताल में शामिल नहीं हुए कर्मचारियों को राहत देने की कोशिश हुई थी। इसमें कहा गया था कि कई कर्मचारी अधिकारी काम पर लौटना चाहते हैं। उनकी सुरक्षा का इंतजाम किया जाए। वहीं दो सितम्बर तक काम पर लौट आए कर्मचारी-अधिकारियों की हड़ताल अवधि की अनुपस्थिति को अवकाश स्वीकृत करते हुए वेतन भुगतान किया जाए। छत्तीसगढ़ के राज्य कर्मचारियों ने भत्ता बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल की है। कर्मचारी संगठन कई महीनों से केंद्र सरकार की तरह 34% महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे हैं।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.