नाटक के माध्यम से बताया शिक्षक का महत्व, 1962 में पहली बार मनाया गया था
हापुड़: हापुड़ में नगर के दीवान पब्लिक स्कूल में शिक्षक दिवस धूमधाम से मनाया गया। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अतिथियों को मंत्रमुग्ध किया। शिक्षकों के महत्व को उजागर किया। वहीं शिक्षकों ने भी बच्चों को आशीर्वाद देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।शुक्रवार को दीवान पब्लिक स्कूल में बेस शाखा द्वारा आयोजित प्रोग्राम की शुरुआत डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण करके की गई। इस दौरान बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। जिनमें छात्र ने शिक्षक नाटकों के माध्यम से अपने जीवन मे उनका महत्व बताया।शिक्षक दिवस साल 1962 में मनाया गयामुख्य अध्यापिका कामाक्षी गोयल ने बताया कि दरअसल शिक्षक दिवस भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के मौके पर मनाया जाता है। पहली बार शिक्षक दिवस साल 1962 में मनाया गया था जब डॉ. सर्वपल्ली देश के राष्ट्रपति के रूप में चुने गए थे। उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया गया।प्रधानाचार्या चारू कपूर ने बताया कि डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के पहले उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति रहे। वे भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद, महान दार्शनिक थे। उनके इन्हीं गुणों के कारण सन् 1954 में भारत सरकार ने उन्हें सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से अलंकृत किया था।बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अतिथियों को मंत्रमुग्ध किया।फूल देकर शिक्षकों को सम्मानित भी कियाउन्हें 1931 में ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा “सर” की उपाधि प्रदान की गयी थी। इस दौरान छात्रों ने कार्ड और फूल देकर शिक्षकों को सम्मानित भी किया। इस दौरान उप प्रधानाचार्य अजहर खान, ममता शर्मा, नवेंदु गुप्ता, भावना,नीलू, उर्वर्शी, सतनाम, सेहज, खुशप्रीत, नवनीत समेत अन्य शिक्षक शामिल रहे।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.