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जीएसटी कलेक्शन और विनिर्माण में आया बड़ी तेजी से उछाल 

अगस्त में जीएसटी कलेक्शन लगातार छठे माह 1.40 करोड़ रुपये के पार जबकि, विनिर्माण सूचकांक 56.2 पर पहुंचा। पिछले साल अगस्त के मुकाबले 28 फीसदी अधिक जीएसटी कलेक्शन। 14 माह से विनिर्माण में तेजी बरकरार।
मांग में सुधार, ऊंची दरों और अनुपालन बेहतर रहने से अगस्त में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कलेक्शन लगातार छठे माह 1.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है। आने वाले समय में भी इसमें तेजी जारी रहने का अनुमान है। इसके अलावा अगस्त में विनिर्माण में लगातार 14वें माह तेजी देखी गई है। इसे अर्थव्यवस्था के तेजी से पटरी पर वापस लौटने का संकेत माना जा रहा है। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जीएसटी राजस्व में अगस्त, 2022 तक हुई वृद्धि पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 33 प्रतिशत अधिक है।

अर्थव्यवस्था के तेजी से पटरी पर वापस लौटने के पांच संकेत

जीएसटी कलेक्शन में तेजी कारोबारी गतिविधियों में वृद्धि का संकेत है।
कंपनियां कारोबार के विस्तार पर ध्यान दे रही हैं।
मांग की पूर्ति के लिए नई भर्तियों से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
विनिर्माण सीधे तौर सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है।
कर वसूली और विनिर्माण में तेजी से जीडीपी वृद्धि दर में उछाल संभव।

बेहतर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जीएसटी परिषद ने जो कदम उठाए हैं, उनका असर स्पष्ट दिख रहा है। इस साल अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन 1.67 लाख करोड़ रुपये रहा था, जो जीएसटी की शुरुआत से अब तक का सबसे उच्चतम कलेक्शन है। बेहतर रिपोर्टिंग के साथ-साथ आर्थिक सुधार का जीएसटी राजस्व पर लगातार सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इस वर्ष अगस्त के दौरान माल के आयात से प्राप्त राजस्व 57 प्रतिशत अधिक रहा और घरेलू लेनदेन (सेवाओं के आयात सहित) से एकत्रित राजस्व पिछले वर्ष के इसी महीने के दौरान इन स्रोतों से प्राप्त राजस्व की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है।

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