सीताराम येचुरी से मुलाकात कर नीतिश ने कहा, लोकतंत्र को बचाना ही उनकी प्राथमिकता
नई दिल्ली। आम चुनाव से पहले विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने के इरादे से दिल्ली पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को सीपीआईएम के महासचिव सीताराम येचुरी से मुलाकात की है। मुलाकात के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि लोकतंत्र को बचाना ही उनकी प्राथमिकता है। जब पत्रकारों ने येचुरी के साथ उनकी चर्चा के बारे में पूछा, तब नीतिश कुमार ने कहा कि हमने उनसे कहा है कि अगर वामदल विभिन्न राज्यों के क्षेत्रीय दल और कांग्रेस के एक साथ आते हैं, तब यह विपक्षी एकजुटता के लिए बड़ा फायदा होगा। उन्होंने दोहराया कि हमारी कोशिश है कि हम पूरे देश में जो भी क्षेत्रीय पार्टी हैं, उन्हें एक साथ लाएं। अगर वे एक साथ मिल जाते हैं, तब बहुत बड़ी बात होगी।
नीतीश के साथ मुलाकात के बाद सीपीआईएम के नेता येचुरी ने कहा कि उनका स्वागत है कि वह एक बार फिर से यहां आए और यह देश के प्रति एक बेहतर संकेत दिया गया है। येचुरी ने कहा कि विपक्ष की पार्टियों को एक होकर देश के संविधान को बचाना होगा। इसके लिए हमारा पहला टास्क यही हैं कि सब को एकजुट होना होगा। वहीं, नीतीश ने कहा है कि हम सब साथ हैं, इसकारण मैं यहां आया हूं। इससे पहले नीतीश कुमार ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी जिसके बाद कांग्रेस ने भी नीतीश कुमार की तारीफ की है। कांग्रेस ने साफ तौर पर कहा है कि 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए उनके द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय है।
बता दें कि पिछले दिनों नीतीश ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़कर महागठबंधन के साथ मिलकर सरकार बना ली थी। नीतीश बिहार में महागठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं जिसमें कांग्रेस, राजद और वाम दल शामिल हैं। नीतीश के दिल्ली दौरे को लेकर राजनीतिक कयासों का दौर लगातार जारी है। दूसरी ओर भाजपा ने भी साफ कर दिया है कि अब नीतीश के लिए उसके दरवाजे स्थायी रूप से बंद हो चुके हैं। भाजपा नेता और नीतीश के कभी करीबी माने जाने वाले सुशील मोदी ने कहा कि जदयू नेता ने रंग बदलने में गिरगिट को भी शर्मसार कर दिया है। सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार को 20 महीने के राष्ट्रीय जनता दल के साथ गठबंधन में घुटन महसूस होने लगी थी। फिर ऐसा हो सकता है। लेकिन इस बार भाजपा उनके साथ नहीं जाएगी।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.