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मुख्यमंत्री चौहान ने पीपल, मौलश्री, गूलर और कचनार के पौधे लगाए

भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने श्यामला हिल्स स्थित स्मार्ट सिटी उद्यान में पीपल, मौलश्री, गूलर और कचनार के पौधे लगाए। यूनिसेफ की मध्यप्रदेश प्रमुख सुश्री मार्गरेट ग्वादा ने भी पौध-रोपण किया। यूनिसेफ के संचार विशेषज्ञ श्री अनिल गुलाटी पौध-रोपण में शामिल हुए। साथ ही “स्वर से ईश्वर तक” संस्था के प्रतिनिधि श्री दीपक सिंह, सुश्री आशा के. सिंह, श्री धनंजय सिंह ने भी पौधे लगाए। सामाजिक कार्यकर्ता श्री प्रवीण नापित की पुत्री सुश्री आयुषी और सामाजिक कार्यकर्ता श्री राहुल राजपूत ने भी अपने जन्म-दिवस पर पौधे लगाए।
यूनिसेफ, प्रदेश में स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में राज्य शासन के साथ मिल कर विभिन्न गतिविधियाँ संचालित कर रहा है। स्वर से ईश्वर तक संस्था द्वारा सीमेंट की खाली बोरियों में पेड़ लगाने की शुरुआत की गई है। इससे प्लास्टिक की बोरियों का सही उपयोग होता है। संस्था ने “तुम मुझे पौधा दो-हम आपको पेड़ देंगे” के लक्ष्य के साथ छोटे पौधों को बड़ा करके वापस देने की प्रक्रिया आरंभ की है।
पौधों का महत्व
आज लगाया गया मौलश्री एक औषधीय वृक्ष है, इसका सदियों से आयुर्वेद में उपयोग होता आ रहा है। गूलर के फल अंजीर की तरह होते हैं, यह भी आयुर्वेद की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। कचनार सुंदर फूलों वाला वृक्ष है। प्रकृति ने कई पेड़-पौधों को औषधीय गुणों से भरपूर रखा है, इन्हीं में से कचनार एक है। पीपल को पर्यावरण शुद्ध करने वाला वृक्ष माना गया है। यह छायादार वृक्ष के रूप में भी जाना जाता है। इसका धार्मिक और आयुर्वेदिक महत्व भी है।

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