दक्षिण चीन सागर में जंगी जहाजों का पीछा कर रहा ड्रैगन, आस्ट्रेलियाई नौसेना ने कहा हम जवाब देने को तत्पर
कैनबरा। ताइवान में घुसपैठ के बाद अब चीन ने विवादित साउथ चाइना सी में ऑस्ट्रेलिया के जंगी जहाजों का पीछा कर रहा है। चीन, किसी भी देश के मल्टीनेशनल एक्सरसाइज पर अपनी खुफिया नजर बनाए रहता है। ऑस्ट्रेलियाई नौसेना ने कहा कि हम चीन की हरकतों का जवाब देने केलिए तैयार हैं।
दरअसल, ऑस्ट्रेलिया की नौसेना ने अपने बंदरगाह डार्विन से बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास काकाडू शुरू किया है। इस अभ्य़ास में कुल 22 देश शामिल हैं। इस अभ्यास में 17 जहाज, एक ऑस्ट्रेलियाई पनडुब्बी, 34 विमान और 3,000 कर्मी शामिल हैं। यह अभ्यास आखिरी बार 2018 में आयोजित किया गया था, तब एक चीनी युद्धपोत ने भाग लिया था।
ऑस्ट्रेलिया के नौसेना चीफ वाइस एडमिरल मार्क हैमंड ने कहा है कि हम भविष्य में होने वाली मल्टीनेशनल एक्सरसाइज पर चीन की खुफिया निगाहें रोकने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की नौसेना का व्यवहार हाल के वर्षों में दक्षिण चीन सागर में ऑस्ट्रेलियाई युद्धपोतों की ओर बदल गया है। जब भी हमारा कोई जहाज यहां होता है तो पीएलए नौसेना का एक जहाज हमारे पीछे अक्सर दिखाई देता है।
हैमंड ने कहा अभ्यास हमारे क्षेत्रीय समुद्र के बाहर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में होगा और उस वातावरण में कई अलग-अलग देशों के जहाजों को देखना असामान्य नहीं है। उल्लेखनीय है कि हाल के सालों में चीनी नौसेना ने ऑस्ट्रेलिया के एक विमान पर लेजर दागा था। ऑस्ट्रेलियाई रक्षा विभाग ने इसकी जानकारी देते हुए कहा लेज़र एक गंभीर समस्या पेश करता है, क्योंकि जब विमान को निशाना बनाया जाता है तो यह पायलटों को घायल कर सकता है या अस्थाई रूप से उन्हें अंधा कर देता है, जो सुरक्षा जोखिम पेश करता है, खासकर जब वे उड़ान भर रहे हों या लैंड कर रहे हों इसलिए उन्होंने चीन के इस बर्ताव की कड़ी निंदा की थी।
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