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गरज-चमक के साथ रुक-रुककर वर्षा होने उम्मीद

भोपाल। रीवा, शहडोल, भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर एवं चंबल संभागों के जिलों में आज से गरज-चमक के साथ रुक-रुककर वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र मौजूद है। मानसून ट्रफ भी मध्य प्रदेश से होकर गुजर रहा है। इन दो मौसम प्रणालियों के कारण मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला के अनुसार, मानसून ट्रफ अभी मप्र में मौजूद है। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इस मौसम प्रणाली के और शक्तिशाली होने के बाद शनिवार को दक्षिणी ओडिशा एवं उत्तरी आंध्र प्रदेश में पहुंचने के आसार हैं। इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने लगी है। इससे पूरे मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ वर्षा होने लगी है। कम दबाव के क्षेत्र के ओडिशा से आगे बढ़ने के बाद वर्षा की गतिविधियों में और तेजी आने की भी संभावना है।उधर शुक्रवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक रायसेन में सात, ग्वालियर में 0.9 मिलीमीटर वर्षा हुई। खजुराहो, भोपाल में बूंदाबांदी हुई। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक मानसून ट्रफ वर्तमान में बाड़मेर, इंदौर, तेलंगाना, कलिपटनम से बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र तक बना हुआ है। इस सीजन में शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक मध्य प्रदेश में 998.5 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य वर्षा (856 मिमी.) की तुलना में 17 प्रतिशत अधिक है। राजधानी में भी इस सीजन में अभी तक 1640.2 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है, जो सामान्य वर्षा (865.6 मिमी.) के मुकाबले 89 प्रतिशत अधिक है। हालांकि अभी भी मध्य प्रदेश के सात जिलों रीवा, सीधी, टीकमगढ़, निवाड़ी, दतिया, झाबुआ एवं आलीराजपुर में पानी की दरकार है। इन जिलों में सामान्य से 30 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।

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