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आदिवासी संगठनों ने कहा- जब तक परिवार को नहीं मिलेगा न्याय, हमारा धरना जारी रहेगा

हरदा: शहर के वीर तेजाजी चौक पर सोमवार को आदिवासी युवक की हत्या के मामले में आदिवासी संगठनों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आदिवासी संगठनों ने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता और हमारी मांगों को नहीं माना जाता है, तब तक हमारा धरना जारी रहेगा।हंडिया थाना क्षेत्र के गांव रिजगांव में बीते 27 अगस्त की रात सत्यनारायण पिता देवी सिंह (40) की धारदार गांव के ही कुछ लोगों ने गर्दन पर धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी थी। जयस ने इस मामले में हत्या के 12 आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाया जाने, मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए, परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाने और हंडिया थाना प्रभारी सहित पूरे स्टॉप को हटाया जाने की मांग की थी।सत्ता के दबाव में काम कर रही पुलिसधरने के दौरान जयस के संरक्षक धनसिंह भलावी ने हंडिया थाना प्रभारी पर आदिवासी समाज का होने के बाद भी सत्ता और दबंग लोगों के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है।जयस के जिलाध्यक्ष राकेश काकोडिया ने कहा कि घटना के करीब 21 दिनों बाद भी प्रशासन ने हमारी मांगों को नहीं माना है। ना ही घटना में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और ना ही उनके घरों पर बुलडोजर चलाया गया है। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है।मांग पूरी नहीं होने तक जारी रहेगा धरनाउन्होंने कहा कि प्रशासन के अधिकारियों के साथ चार बार बैठक हो गई है, लेकिन अब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला है। जिससे नाराज होकर आदिवासी समाज के लोगों को मजबूर होकर धरने पर बैठना पड़ा है। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को एक करोड़ की मुआवजा राशि, एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी और हंडिया थाने के टीआई सहित पूरे स्टॉप को नही हटाया जाता है, हमारा धरना जारी रहेगा।पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग- राखी करोचीआदिवासी महिला संगठन की जिलाध्यक्ष राखी करोची ने भी संबोधित करते हुए प्रशासन से आदिवासियों पर लगातार हो रहे अत्याचारों को रोकने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। इस दौरान बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग धरना स्थल पर मौजूद रहें।

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