योगी और पूर्व सीएम के बीच तंज पर तंज, सदन में लगे ठहाके
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को महिलाओं को लेकर खास सत्र का आयोजन हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बात कही कि पूरा सदन हंसी के ठहाकों से गूंज उठा। इस पर पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने चुटकी ली,तब सीएम योगी ने फिर तंज कस दिया। दोनों के बीच तंज कसने का सिलसिला कुछ देर तक चला और पूरा सदन हंसी के ठहाके लगाता रहा।
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी ने कहा, मैं आपका (स्पीकर सतीश महाना) का आभारी हूं कि आपने प्रदेश की चुनी गईं महिला सदस्यों के लिए समय दिया है, आज वह अपने क्षेत्र से जुड़ीं हुई समस्याओं पर चर्चा करेंगी, बहुत-सी चीजें हैं जो वह आज सदन के सामने रखेंगी और उस पर चर्चा होगी, मैं सभी पुरुष सदस्यों से कहूंगा कि सामान्य दिनों में आपके हंगामे के बीच महिलाओं की आवाज दब जाती थी, आज कम से कम उनकी बातों को सुनने के लिए बैठे।
मुख्यमंत्री ने कहा, आपके लायक होगा, तब उसे स्वीकार करेंगे और अगर आपसे कभी गलती हुई होगी, तब घर में जाकर करके दोनों कान पकड़ कर वहां माफी मांग करके आगे से सुधार लाएंगे, ताकि सदन की कार्यवाही आगे चलाने में आप मदद कर सके। जैसे ही सीएम योगी ने बातें बोली, तब पूरा सदन हंसी के ठहाकों से गूंज उठा। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री ने चुटकी लेकर कहा, नेता सदन को यह बातें कैसे पता है, उनके बगलवाले भी बता नहीं सकते।
जैसे ही अखिलेश ने यह बोला तब फिर पूरा सदन हंसी के ठहाकों से गूंज उठा। अखिलेश के बयान पर तंज कर सीएम योगी ने कहा,लग रहा है कि सुरेश खन्ना जी ने आपको निमंत्रण नहीं दिया, अभी उन्होंने रिसेप्शन भी रखा था, आपको निमंत्रण देना भूल गए होंगे, जैसे ही सीएम योगी ने कहा, तब अखिलेश फिर खड़े होकर कहा, जितिन वहीं से आते हैं, कभी उन्होंने बताया नहीं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने महिला सत्र से पहले कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए। अखिलेश ने कहा, पिछले कुछ सालों में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ा है, लखीमपुर-हाथरस इसका सीधा उदाहरण है, सरकार प्रयास करें, तब यह अपराधों को रोककर नियंत्रण किया जा सकता है, कानून व्यवस्था के मामले को लेकर केवल चर्चा ना रह जाए बल्कि ठोस कदम भी उठाए जाए, सरकार ने बड़ी-बड़ी बातें कहीं लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ नहीं है।
अखिलेश ने कहा, पुलिस बल में महिलाओं के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाया जाना चाहिए, डॉयल 112 का प्रतिक्रिया टाइम कम हो, सपा सरकार में चलाई गई वुमन पॉवर हेल्पलाइन 1090 को मंजूर कर एप से जोड़कर इस बढ़ाया जाए, महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें मौका देने के लिए सरकार के प्रयास जरूरी, उम्मीद है कि आज के सत्र के बाद कई मुद्दों पर बेहतर सुझाव आएंगे।
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