ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

Hijab Controversy: मुस्लिम संगठन ने ईरान में हिजाब विवाद पर भारतीय मौलवियों को घेरा, चुप्पी पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। ईरान में एक महिला द्वारा हिजाब न पहनने पर उसकी हत्या का मामला हर जगह जोरों से उठ रहा है। यहां तक की खुद ईरान में हिजाब और बुर्के का विरोध शुरू हो गया है। इस बीच भारतीय मुस्लिम फार सेक्युलर डेमोक्रेसी (आईएमएसडी) ने ईरान के ‘सत्तावादी’ कानूनों की आलोचना की है। ईरान की जबरन हिजाब पहनने के कानून की आलोचना करते हुए मुस्लिम संगठन ने भारतीय मौलवियों को भी घेरा है। संगठन ने मौलवियों को आईना दिखाते हुए ईरानी महिलाओं के चयन के अधिकार का समर्थन नहीं करने पर उनके पाखंड को उजागर किया है। उन्होंने साथ ही भारत में चल रहे हिजाब विवाद के संदर्भ में महिलाओं की आजादी का इसे एक तर्क माना है।

हिजाब के लिए किसी की हत्या अमानवीय

भारतीय मुस्लिम फारम ने एक बयान में कहा कि ईरान के रूढ़िवादी, सत्तावादी कानूनों और इसके जानलेवा प्रवर्तन की वह कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने साथ ही नागरिकों के विरोध के अधिकार की पुरजोर समर्थन किया।

इसमें आगे कहा गया है कि 21वीं सदी में सिर्फ सिर न ढकने के लिए किसी इंसान की हत्या करना अमानवीय और बर्बर है।

जावेद अख्तर, नसीरुद्दीन समेत 100 नामचीन लोगों ने जताई सहमति

IMSD द्वारा जारी किए गए बयान को स्वतंत्रता सेनानी जी जी पारिख, जावेद अख्तर, शबाना आज़मी, नसीरुद्दीन शाह, जीनत शौकतली, योगेंद्र यादव और तुषार गांधी सहित विभिन्न शहरों के लगभग 100 प्रमुख नागरिकों ने समर्थन दिया है।

ईरानी महिला की पुलिस कस्टडी में हुई थी मौत

22 वर्षीय महसा अमिनी को ईरान की पुलिस ने पिछले सप्ताह तेहरान में ड्रेस कोड का कथित रूप से उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जिसके बाद पुलिस कस्टडी में उनकी मौत हो गई थी, लेकिन पुलिस ने कहा कि उसकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई और उसके साथ दुर्व्यवहार नहीं किया गया।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.